



फर्रुखाबाद: प्रातः तकरीबन 8 बजे रमन की हत्या होने की खबर जंगल की आग की तरह फैल गयी। जिससे बघार नाले के निकट भारी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गयी। शाम तकरीबन 4 बजे जब खोजी कुत्ता लैमन महक को टटोलते हुए सींगनपुर गांव में पहुंचा तो पीछे से मृतक रमन के गांव के कई सैकड़ा लोग भी पहुंच गये और उन्होंने आरोप में पकड़े जाने पर आरोपी किशनपाल गौड़ के घर व आस पास के घरों में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसओ मऊदरवाजा ने अपनी रिवाल्वर भी भीड़ पर तान दी। भीड़ में फंसे थानाध्यक्ष ने इस मुश्किल घड़ी में उच्चाधिकारियों को फोन करने का प्रयास किया परंतु अधिकारियों के फोन नहीं मिले।
कई घंटे के लम्बे इंतजार और खोजी कुत्ते लैमन के निशानदेही पर पकड़े गये किशनपाल गौड़ के घर के पास एकत्रित गढ़िया के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने किशनपाल गौड़ के मकान पर जमकर पथराव किया। घर के अंदर घुसे ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष मऊदरवाजा हरपाल सिंह यादव से भी धक्कामुक्की कर दी। इससे गुस्साये थानाध्यक्ष ने भीड़ को नियंत्रित करने के चक्कर में उन पर अपना सरकारी रिवाल्वर तान दिया।
जैसे ही थानाध्यक्ष ने किशनपाल गौड़ के घर से देशी तमंचा बरामद किया तो पुलिस का शक कुछ यकीन में बदला। यह खबर घर के बाहर पहुंची कि किशनपाल के घर के अंदर से तमंचा भी बरामद हुआ है। चूंकि भीड़ पहले से ही आक्रोषित थी। इतना सुनते ही बाहर खड़ी भीड़ अनियंत्रित हो गयी और सीधा किशनपाल के घर पर हमला बोल दिया। किशनपाल के घर के बाहर खड़ा यूके लिप्टस का बाग भी तहस नहस कर दिया। जिसमें लगे सैकड़ों की संख्या में पेड़ ग्रामीणों ने तोड़ डाले। आक्रोषित ग्रामीणों की मंशा से लग रहा था कि जैसे भीड़ कुछ कर गुजरने पर उतारू है। आस पड़ोस के कई मकान भी भीड़ ने अपने गुस्से का शिकार बना लिये। हाथों में लाठी डन्डे लिये ग्रामीणों को पुलिस रोकने में असमर्थ दिखी तो भीड़ ने एक बार फिर अपना दबाव पुलिस पर बना लिया और एक दूसरे के सहारे किशनपाल की छत पर चढ़ आये और फिर छत से घर के अंदर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के साथ-साथ किशनपाल के घर के बाहर बनी कच्ची दीवार ग्रामीणों ने ढहा दी। पुलिस के साथ भी जमकर धक्कामुक्की हुई। स्थिति नियंत्रित न होते देख थानाध्यक्ष मऊदरवाजा हरपाल सिंह ने उच्चाधिकारियों को फोन से सूचना देने का प्रयास किया। परंतु संयोग देखिये कि इस मुश्किल समय में पुलिस अधिकारियों के फोन नहीं मिले। पुलिस कंट्रोल रूम का 100 नंबर जनपद जालौन में रिसीव किया गया। बाद में थानाध्यक्ष मऊदरवाजा ने अपने जीप चालक को फोन कर वायरलेस पर सूचना प्रसारित करने को कहा। एक घंटे बाद अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, एसडीएम सदर भगवानदीन वर्मा, सीओ सिटी वाईपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक फतेहगढ़ जितेन्द्र सिंह परिहार, प्रभारी निरीक्षक मोहम्मदाबाद रूम सिंह यादव, शहर कोतवाली के एसएसआई विग्गन सिंह यादव, कमालगंज थानाध्यक्ष राघवन सिंह, पीएसी व पुलिस लाइन से फोर्स लेकर पहुंचे और स्थित नियंत्रण में की जा सकी। किशनपाल सिंह को परिजनों समेत थाने भेजा गया। जक्रांपा व बसपा के कुछ नेता भी मौके पर पहुंचे। पीएसी भी बुला ली गयी। पीएसी के साथ-साथ बज्र वाहन भी मौके पर तैनात कर दिया गया। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। इधर पुलिस मामले को टालने का प्रयास करती रही। देर शाम बमुस्किल दोनो आरोपियों को पुलिस ने भीड़ से बचते बचाते गांव से बाहर निकाला।
पूरी घटना में साफ दिखी पुलिस की लापरवाही
घटना स्थल पर सुबह ही पर्याप्त पुलिस बल बुला लिया गया था। जिसके बावजूद भी डाग स्क्वैड टीम के साथ मात्र थानाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव व उनके हमराही ही साथ में चल रहे थे। जिस पर भीड़ उनके काबू में नहीं आ रही थी और सींगनपुर पहुंचते ही भीड़ ने अपना उग्र रूप ले लिया। जब तक अन्य पुलिस को सूचना मिली, पुलिस के पहुंचने से पूर्व ग्रामीणों ने जमकर ताण्डव किया। बाद में पुलिस बल पहुंचने पर ग्रामीणों को खदेड़ा जा सका।
इस सम्बंध में थानाध्यक्ष हरपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा की गयी तोड़फोड़ पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। फिलहाल अभी जांच का विषय है। जांच के बाद कोई अगला कदम होगा।


