चकबंदी में रोड पर जमीन देने के नाम पर लेखपाल ने ग्रामीणों से रुपये ऐंठे

Uncategorized

फर्रुखाबाद: वर्षों से लेखपाल व कानून गो की फेर में पड़े ग्रामीण आज भी उनसे उबर नहीं पा रहे हैं। आज भी भोलेभाले ग्रामीणों को लेखपाल अपने जाल में फंसाकर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। ऐसा ही मामला उस समय सामने आया जब ग्राम बरौन के ग्रामीणों ने एक भ्रष्ट लेखपाल द्वारा चकबंदी में रोड पर रुपये लेने का आरोप तहसील दिवस में लगाया।

मंगलवार को हुए तहसील दिवस में थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम बरौन निवासी दौलतशेर, आजमशेर व रहमत शेर ने गुहार लगायी गयी गांव में चकबंदी का कार्य चल रहा है। जिसमें चकबंदी अधिकारी दिनेशचन्द्र विश्वकर्मा व लेखपाल राधामोहन ने रिश्वत लेकर गांव के मुख्य मार्ग पर जमीन देने को कहा था। जिस पर हम लोगों से उन्होंने पांच हजार रुपये प्रति बीघे के हिसाब से रुपये ले लिये लेकिन जमीन रोड पर नहीं दी।

दौलतशेर ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने 37 डिसमिल जमीन के लिए 8000 रुपये व रहमतशेर पुत्र गफूर से 15 डिसमिल भूमि के लिए 3750 रुपये, आजमशेर से 17 डिसमिल भूमि के लिए 4500 रुपये ले लिये। लेकिन जमीन रोड पर नहीं दी गयी। तब हम लोगों ने रुपये वापस देने की मांग की लेकिन रुपये वापस नहीं किये गये। लेखपाल ने दिये गये रुपयों की कोई रसीद भी नही ंदी थी।