मतदान केन्द्र के 100 मीटर परिधि में शोरगुल हुआ तो कार्यवाही

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फर्रुखाबाद: जिला प्रशासन ने अभी से ही चुनाव प्रक्रिया को शांतपूर्ण व बिना किसी विवाद के निबटाने के लिए प्रयास शुरू कर दिये हैं। सातनपुर मण्डी परिसर में बैठक कर शनिवार को सभी जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों व पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी अधिकारी कार्मिक/मुख्य विकास अधिकारी ईश्वरीय प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान कराने में जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेटों एवं पीठासीन अधिकारियों की अहम भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि शासी निकाय निर्वाचन अति महत्वपूर्ण एवं सवेदनशील होते हैं। इसलिए निष्पक्ष मतदान कराने के लिए सभी को अपने उत्तरदायित्वों को कर्मठता से निर्वहन करना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि आप किसी का अतिथ्य स्वीकार न करें न ही किसी का पक्षपात करें।
बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति मतदान केन्द्र में प्रवेश नहीं करेगा। यदि करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही करें। कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति हो परन्तु उसके दबाव में आने की जरूरत नहीं है। मतदाता पर्ची लेकर अथवा पारिवारिक मुखिया के साथ यदि कोई मतदाता मतदान हेतु आये तो राशन कार्ड दिखाने के साथ उसको मतदान करने दें।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मतदान केन्द्र की 100 मीटर की परिधि में कोई प्रचार अथवा लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं कर पायेगा। कोई भी मतदाता बिना पहचान सिद्ध किये मतदान नहीं कर पायेगा। यदि कोई जोर जबर्दस्ती करता है तो तत्काल बतायें ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। मतदान केन्द्र के भीतर मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, माचिस आदि ले जाना वर्जित है। यदि किसी व्यक्ति के पास वर्जित सामग्री पाई जाय तो सख्त कार्यवाही करायी जाये। मतपेटिका सील करते समय मतदान अभिकर्ताओं को दिखायें तदुपरांत सील करें।

श्री पाण्डेय ने कहा कि सभी जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान के दिन निरन्तर चलायमान रहकर स्थिति का जायजा लेते रहें और यदि कहीं थोड़ी भी गलती पाये तो सख्त कार्यवाही करें।

उपजिला निर्वाचन अधिकारी कमलेश कुमार ने कहा कि पीठासीन अधिकारी मतदान से सम्बंधित सामग्री प्राप्त कर लेंगे और मतदेय स्थल के लिए रवाना होने से पूर्व सुगमता से देख लें। रिपोर्ट देंगे कि पर्याप्त मतदान सामग्री है।

जिला विकास अधिकारी ए के सिंह चन्द्रौल अधिशाषी अभियंता नलकूप डी के आर्या, अरविंद कुशवाहा, प्रधानाचार्य आईटीआई के एम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भगवत पटेल ने भी प्रशिक्षण दिया।