डीआईओएस कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपा

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फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार से अवगत कराया। शिक्षक संघ ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक आर पी शर्मा दो बार निलंबित हो चुके हैं, परन्तु साठगांठ करके पुनः जनपद में कार्यरत हैं। कार्यालय के लिपिक विगत 10 साल से एक ही सीट पर कार्यरत हैं। कार्यालय के लिपिक राजेश अग्निहोत्री परीक्षा प्रभारी हैं एवं 2 तहसीलां का कार्य भी उनके पास है।

शिक्षक संघ ने मांग की कि श्री अग्निहोत्री को परीक्षा व तहसील कार्य दोनो में से एक से हटाया जाये। श्री अग्निहोत्री के पटल पर विगत 6-6 महीने से पत्रावली लम्बित हैं। इस कारण जनपद के शिक्षकों में रोष व्याप्त है। वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक आर पी शर्मा विगत 4 वर्षों से जनपद में नियुक्त हैं। यह जहां भी रहे हैं काफी चर्चित रहे हैं। इन्होंने भ्रष्टाचार की सभी सीमायें पार कर दी हैं। पत्र में जिला विद्यालय निरीक्षक की जांच कराकर कार्यवाही करवाने की जिलाधिकारी से मांग की गयी।

सात सूत्रीय ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि दयानंद इंटर कालेज अमृतपुर के इतिहास प्रवक्ता वीरेन्द्र पाल सिंह का उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में मण्डलीय समिति कानपुर द्वारा प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की गयी। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा श्री वीरेन्द्र पाल सिंह का वेतन निर्धारण गलत किया गया। संशोधित वेतन निर्धारण हेतु पत्रावली विगत नवम्बर 2011 में प्रस्तुत की गयी। 6 महीने बीत जाने के बाद पटल प्रभारी राजेश अग्निहोत्री एवं जिला विद्यालय निरीक्षक आर पी शर्मा 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं एवं वेतन निर्धारण संशोधन नहीं कर रहे हैं। संगठन की मांग है कि प्रकरण की जांच करवाकर दोषी लिपिक एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को दण्डित कर शिक्षक का वेतन निर्धारण संशोधित करवाने का कष्ट करें।

जवाहरलाल नेहरू इंटर कालेज जरारी के समस्त शिक्षकों का 10 वर्षें की चयन वेतनमान, प्रोन्नति वेतनमान देय है। उक्त विद्यालय भी राजेश अग्निहोत्री लिपिक के पटल पर हैं। श्री अग्निहोत्री विद्यालय प्रबंधक से मिले हुए हैं। भारी भरकम रिश्वत की मांग की जा रही है। शासनादेश के रूप में उक्त विद्यालय के सभी शिक्षकों को चयन वेतनमान प्रोन्नति वेतनमान की सुविधा मिलना है। प्रकरण की जांच करवाकर शिक्षकों को उक्त लाभ दिलवाया जाये।

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों में लगभग 20 अध्यापकों का चयन किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा चयन बोर्ड से सत्यापन भी कराया जा चुका है। परन्तु रिश्वत न मिलने के कारण जिला विद्यालय निरीक्षक नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों में कार्यभार ग्रहण कराया जा रहा है। पूर्व से चयनित शिक्षकों पर कोई भी रोक नहीं है। आपसे अनुरोध है कि प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रुखाबाद को निर्देशित कर उक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करवाया जाये।

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में किसी भी पत्रावली को निस्तारित करने की कोई भी समय सीमा नहीं है। वर्षों की पत्रावली लम्बित है। जनपद के कई विद्यालयों के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को जिला विद्यालय निरीक्षक अपने-अपने निजी कार्य हेतु कार्यालय से सम्बद्ध कर लिया है। जबकि उनका वेतन सम्बंधित विद्यालय से निकल रहा है। यह कार्य वर्षों स ेचल रहा है। शासनादेश के क्रम में कोई भी कर्मचारी दूसरे कार्यालय से सम्बद्ध करने पर प्रतिबन्ध है। उक्त चतुर्थश्रेणी कर्मियों का शोषण किया जा रहा है।

श्रीमती रेशमादेवी सहायक अध्यापक एनएकेपी इंटर कालेज फर्रुखाबाद का स्थानांतरण जनपद बागपत को पिछले 6 वर्ष पूर्व ही हो गया था। परन्तु सम्बंधित विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं लिपिक उक्त शिक्षिका के जी.पी.एफ. एवं पत्रजात नहीं भेज रहे हैं। प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक भी सम्मलित हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कन्हैयालाल रामशरण रस्तोगी इंटर कालेज में संस्कृत विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा का केन्द्र बनाया गया है। यह परीक्षा 1 मई 2012 से प्रारंभ होगी जबकि हाईस्कूल उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन 26 अप्रैल 2012 से इसी विद्यालय में प्रारंभ हो रहा है। बोर्ड के नियमानुसार मूल्यांकन के समय विद्यालय में प्रवेश वर्जित है। छात्रों के प्रवेश से मूल्यांकन प्रक्रिया वाधित होगी तथा गोपनीयता भी भंग होगी यह कार्य भी जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अपने स्वार्थ के लिए किया गया है।

माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि एक ही पटल पर वर्षों से कार्यरत लिपिकों को स्थानांतरित करवाने का कष्ट करे एवं जिला विद्यालय निरीक्षक के भ्रष्टाचार मं लिप्त होने की जांच करवाकर उन्हें दण्डित कर स्थानांतरित करवाने हेतु शासन को अवगत कराया जाये।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिला मंत्री नरेन्द्रपाल सिंह सोलंकी, जिला उपाध्यक्ष मोहित तिवारी आदि मौजूद रहे।