नौकरियों के लिए अगली तिमाही शानदार, 39 फीसदी कंपनियों को चाहिए नए लोग

Uncategorized

अगले तीन महीने नौकरी की ख्वाहिश रखने वालों के लिए शानदार अवसर मुहैया करा सकते हैं क्योंकि 39 फीसदी भारतीय नियोक्ताओं के अपने कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी (हेडकाउंट) करने के आसार हैं। एक सर्वे में यह जानकारी दी गई है।

रिक्रूटमेंट टेंडरिंग प्लेटफॉर्म माईहायरिंगरक्लबडॉटकॉम द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, देश का नेट इंप्लायमेंट आउटलुक (रिक्रूटमेंट रुझानों का एक मापक) 39 फीसदी के बेहतरीन स्तर पर रहा जो आगामी तिमाही के दौरान नौकरी चाहने वालों के लिए ठोस अवसरों को परिलक्षित करता है।

माईहायरिंगरक्लबडॉटकॉम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि नौकरी चाहने वालों को ज्यादा अवसर मिलने जा रहे हैं क्योंकि हमारे स्टडी से यह प्रदर्शित होता है कि भारत का इंप्लायमेंट मार्केट चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में सकारात्मक हायरिंग गतिविधियों का अनुभव करेगा। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि कई बाजार सही दिशा में बढ़ते प्रतीत हो रहे हैं।

सर्वे में कहा गया कि तिमाही दर तिमाही के आधार पर आउटलुक में 8 फीसदी अंकों की बढ़ोतरी हुई है जबकि साल दर साल के आधार पर इसमें 6 फीसदी की बेहतरी आई है। क्षेत्रवार तरीके से देखा जाए तो सभी चार क्षेत्रों में नियोक्ता वित्त वर्ष 2012-2013 की पहली तिमाही के दौरान एक मजबूत इंप्लायमेंट मार्केट की भविष्यवाणी कर रहे हैं। इसमें दक्षिण क्षेत्र सबसे सकारात्मक रहा है जहां नेट इंप्लायमेंट आउटलुक 30 फीसदी रहा। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र (26 फीसदी), पश्चिमी क्षेत्र (23 फीसदी) तथा पूर्वी क्षेत्र (21 फीसदी) के स्थान रहे।

स्टडी में कहा गया कि हायरिंग रुझान सभी चार क्षेत्रों में साल दर साल तथा तिमाही दर तिमाही के आधार पर मजबूत रहे। सेक्टर के आधार पर की गई तुलना से पता लगा कि आगामी तिमाही के दौरान सभी 9 इंडस्ट्रियल सेक्टर में नियोक्ता हेडकाउंट में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। सबसे उत्साहवर्धक अनुमान आईटी तथा आईटीईएस सेक्टर के लिए व्यक्त किया गया है जहां 21 फीसदी का नेट इंप्लायमेंट आउटलुक रहा।

एफएमसीजी दूसरा सबसे अधिक आशावादी सेक्टर रहा जिसका नेट इंप्लायमेंट आउटलुक 19 फीसदी का रहा। इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर (18 फीसदी), रिटेल (18 फीसदी), बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विसेज (16 फीसदी), ऑटोमोबाइल एवं मैन्यूफैक्चरिंग (14 फीसदी), टेलीकॉम (11 फीसदी), रियल एस्टेट (7 फीसदी) एवं बिजनेस सर्विसेज (5 फीसदी) के स्थान रहे। कुमार ने कहा कि आईटी तथा आईटीईएस सेक्टर ने हायरिंग योजनाओं तथा गतिविधियों में बढ़त लेनी शुरू की।

चालू तिमाही के दौरान भी यह सेक्टर हायरिंग गतिविधियों में सबसे अधिक स्थान पा रहा है। इसके अतिरिक्त, बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विसेज की हायरिंग गतिविधियों में भी बेहतरी आई है और उम्मीद है कि आगामी वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान भी यही रुझान बना रहेगा।