पेड़ पर भूत देखने से स्कूल के नौ बच्चे अस्पताल में भर्ती

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schoolबांदा : तिंदवारी थाना क्षेत्र के ग्राम गजनी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में इन दिनों छात्र-छात्राओं के बीमार होने का सिलसिला चल रहा है। यह परेशानी स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक भूपति सिंह व ग्रामीण ने 20 नंवबर से होना बताई है। इसमें होता यह है कि घरों से सुबह स्कूल बच्चे पढ़ने जाते हैं तो उनकी स्थिति बिलकुल सही रहती है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच स्कूल में एक साथ कई कई बच्चे किसी अनजाने सदमें से चीख पड़ते हैं। इसके बाद कंपकपी व बेहोशी आ जाती है।

पानी के छींटे मारने व बच्चों को हिलाने के बाद ही दोबारा वह होश में आते हैं। मंगलवार को भी स्कूल में कुछ इसी तरह हुआ। कक्षा में पढ़ाई व खेलने के दौरान सातवीं दर्जा की छात्र रामा (13) पुत्री अभिमन निवासी गजनी, प्रतीमा (13) पुत्री महेश, कीर्ति (12) पुत्री महेश, सालू (13) पुत्री राजेंद्र सिंह, छाया (13) पुत्री रामबली, छठवीं दर्जा की पूजा (12) पुत्री चुन्नू, प्रियांशू (12) पुत्र मुकेश, सुशील (11) पुत्र शिवशंकर के अलावा मैना (12) यकायक ठीक इसी तरह बीमार पड़ गए। इससे स्कूल व गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को जिला अस्पताल भेजकर भर्ती कराया गया।

अस्पताल में सभी बच्चे जहां भयभीत दिख रहे थे वहीं बिलख कर रोते रहे। उनके परिजन व ग्रामीण सभी बच्चों को ढांढस बंधा कर चुप कराते रहे हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापक का कहना है कि मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। बताते चलें कि बच्चों के स्कूल में अचानक बीमार पड़ जाने की जानकारी होने से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंच कर लोगों से स्थिति के बारे में जानकारी ली है। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने को कहा है।

अंधविश्वास की अफवाहें उठीं

बांदा : स्कूल के बीमार होने वाले बच्चे व उनके अभिभावक समेत ग्राम प्रधान जयकरन यादव आदि बताते हैं कि उनके बीमार पड़ने का कारण कोई हवा बगैरह है। स्कूल में लगा नीम व बरगद के पेड़ की ओर देखकर बच्चे भयभीत हो रहे हैं। बच्चों ने तरह तरह की शंकाए जाहिर की हैं।

पिछले वर्ष भी हुई थी यही दिक्कत

बांदा : स्कूल के प्रधानाध्यापक का कहना है कि वैसे तो यह दिक्कत 20 नवंबर से सामने आई है लेकिन कुछ इसी तरह पिछले वर्ष भी हुआ था। पिछले वर्ष कुछ दिन में ही स्थिति सामान्य हो गई थी।