शिक्षक का कारनामा: फर्जी हस्ताक्षरों से जारी नियुक्ति पत्र से एक साथ की तीन जगह नौकरी

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फर्रूखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग की मिली भगत से एक अध्यापक नें एक साथ तीन जगह नौकरी करके सरकार को लाखों रूपये का चूना लगाया है। बहीं इस मामले की जांच कर रहे तत्कालीन नगर शिक्षा अधिकारी नें अध्यापक से हॉंथ मिलाकर जांच के सारे दस्तावेज दरकिनार कर कागजों पर जांच पूरी कर डाली। बहीं यह जांच अब भी जिले के नगर शिक्षा अधिकारी के पास लम्बित पड़ी हुई है और शिक्षक मजे से विद्यालय में नौकरी कर रहा है।

सहायक अध्यापक नें सरकार को लगाया लाखों रूपये का चूना
विभागीय अधिकारियों व कर्मियों की मिलीभगत से जांच ठण्डे वस्ते में

GHOTALAजिले के शिक्षा विभाग में आये दिन कोई न कोई घोटाले की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित होती ही रहती है। लेकिन फिर भी जिला प्रशासन शिक्षा विभाग के प्रति न जाने क्यों नरमी बरत रहा है और आज तक ऐसे अनगिनत मामलों की जानकारी होने के बाबजूद भी प्रशासन द्वारा वेसिक शिक्षा अधिकारियों की तो बात ही छोड़ दीजिये एक अदने से कर्मचारी के विरूद्ध भी अब तक कोई कठोर कार्यवाही नहीं की गयी है। ऐसा ही एक मामला नगर क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर स्थित शीतला देबी जूनियर हाई स्कूल बढ़पुर फर्रूखाबाद के प्रकाश में आया है जहां के प्रवंधक बृजभूषण लाल कटियार के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर 25/06/1976 को खुली बैठक दर्शाते हुये 15/07/1976 को घुरई लाल वर्मा की संस्कृत अध्यापक के पद पर नियुक्ति दिखाई गयी है जबकि नियुक्ति पत्र पर प्रवंधके हस्ताक्षर ही नहीं हैं। बहीं एक अन्य पत्र में विद्यालय के प्रवंधके फर्जी हस्ताक्षरों से जारी पत्र में घुरई लाल वर्मा को अवैतनिक अवकाश दिनांक 30/06/1985 से लेकर 10/06/1986 तक दिखाया गया है।
बहीं विद्यालय के प्रवंधक बृजभूषण लाल कटियार द्वारा कानपुर मण्डल के मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक को भेजे गये जबाब में कहा गया है कि घुरई लाल वर्मा पुत्र छोटे लाल वर्मा निवासी गोविन्दपुर तालग्राम फर्रूखाबाद 19/02/1983 से अनवरत वि़द्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं इस कारण मुझे इनकी सेवायें समाप्त करनी पड़ीं थीं। मेरे द्वारा सहायक अध्यापक वर्मा को त्रिभाषा सत्र योजपा के अन्तर्गत संस्कृत अध्यापक के पद पर नियुक्त नहीं किया गया है और न ही दिनांक 01/07/1976 का नियुक्ति पत्र मेरे द्वारा जारी किया गया है। यह एक साजिश के अन्र्तगत घुरई लाल वर्मा द्वारा स्वंय फर्जी तैयार किया गया है। इस पर मेरे फर्जी हस्ताक्षर हैं। दिनांक 25/06/1976 को मेरी जानकारी में कोई बैठक आयोजित नहीं की गयी। वर्ष 1983 में ही घुरई लाल वर्मा की सेवायें समाप्त हो गयीं थीं तो उन्हें 30/06/1985 से लेकर 10/07/1986 तक के लिये अवैतनिक अवकाश लेने का प्रश्न ही नहीं उठता है। अवकाश पत्र पर भी मेरे फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये हैं। इसका शपथ पत्र प्रबंधक द्वारा मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक को सौंपा गया है।
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बहीं घुरई लाल वर्मा नें केएस हायर सेकेण्डरी स्कूल मकरन्द नगर कन्नौज में जिला विद्यालय निरीक्षक के पत्र सं0 3131/35, 22 दिसम्बर 1978 को 01/12/1976 से लेकर दिसम्बर 1978 तक सहायक अध्यापक के रूप में काम करने की जानकारी प्रधानाचार्य पीएन दीक्षित द्वारा दी गयी है। इसके साथ ही घुरई लाल वर्मा नें जून 1985 से लेकर जून 1986 तक विकास खण्ड उमरदा तहसील कन्नौज में सहकारी कुर्क अमीन के पद पर भी कार्य किया है।
इना तीनों मामलों की जानकारी वेसिक शिक्षा विभाग को प्रारंभ से लेकर अन्त तक विस्तृत रूप से है लेकिन फिर भी न जाने क्यों विभाग के आला अधिकारियों एवं उनके अधीनस्थ कार्य करने बालें लिपिकों की सांठ गांठ से सहायक अध्यापक घुरई लाल वर्मा द्वारा किये गये फर्जी बाड़े की जांच अब तक विभाग के नगर शिक्षा अधिकारी के पास लम्वित पड़ी हुई है। और इस मामले में श्री वर्मा के विरूद्ध कोई कठोर कार्यवाही अमल में नहीं लाई गयी है। यही नहीं इस फर्जीबाड़े की जांच के लिये एक तीन सदस्यीय टीम भी बनाई गयी है। जिसमें नगर शिक्षा अधिकारी जेपी पाल, डिप्टी बीएसए जगरूप शंखवार शामिल हैं।
बताते हैं कि कई वर्ष पूर्व भी बीएसए विभाग में घुरई लाल वर्मा के खिलाफ शिकायत की गयी थी जिसकी जांच तत्कालीन नगर शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा को दी गयी थी। बताया जाता है कि घुरई लाल वर्मा की नियुक्ति से संबधित कोई भी प्रपत्र न तो विद्यालय में और न ही शिक्षा विभाग के पास मौजूद हैं। घुरई लाल नें राजेश मिश्रा से सांठगांठ कर मामले को रफा दफा करा दिया था। जब इस सम्बन्ध में शीतला जूनियर स्कूल बढ़पुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक घुरई लाल वर्मा से जानकारी ली गयी तो उन्होने बताया कि पहले भी कई शिकायतें की गयीं थीं राजेश मिश्रा द्वारा मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है। मेरा एक साल ही वचा है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अब देखना यह है कि जिले के बेसिक विभाग में चल रहे फर्जीबाड़े पर जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करता है?