दीपदान कर डीएम ने किया रामनगरिया का शुभारंभ, गंदगी से संतों में रोष

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adm2cdo1laxman singhफर्रुखाबाद: माघ मेला रामनगरिया का रविवार को प्रभारी जिलाधिकारी आई पी पाण्डेय ने हवन पूजन व फीता काटकर उदघाटन कर दिया। वहीं मेला उदघाटन में संत समाज को पहले से बुलावा न देने व गंदगी से रोष व्याप्त हो गया। इसके बाद सीडीओ ने मौके पर ही एसडीएम की जमकर क्लास लगा दी और आनन फानन में संतों को बुलाया गया। लेकिन संत समाज के अध्यक्ष संत प्रभु चैतन्य ने अपना स्वागत नहीं करवाया।
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रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ आई पी पाण्डेय ने अन्य अधिकारियों के साथ रामनगरिया माघ मेला एवं प्रदर्शनी का उदघाटन किया। सीडीओ ने सर्वप्रथम मेला उदघाटन स्थल पर फीता काटकर शुभारंभ किया उसके बाद हवन पूजन किया। हवन पूजन में एडीएम कमलेश कुमार, एसपी नीलाब्जा चौधरी, एसडीएम भगवानदीन वर्मा व अन्य अधिकारी व सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। जिसके बाद प्रभारी जिलाधिकारी गंगा तट पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने अन्य अधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ गंगा में दीप दान किया।

वहीं संतों की ही धर्म स्थली पर मेला उदघाटन के लिए संत समाज को पहले से आमंत्रित न करने व गंदगी इत्यादि को लेकर संतों में रोष व्याप्त रहा। मेला उदघाटन के दौरान जब यह बात प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ आईपी पाण्डेय को बतायी गयी तो उन्होंने मेला व्यवस्था देख रहे एसडीएम भगवानदीन वर्मा की जमकर क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम में उन्हें पहले से ही क्यों नहीं बुलाया गया। जिस पर एसडीएम ने आनन फानन में संतों को आमंत्रित किया।

काफी ना नुकर के बाद लगभग एक दर्जन संत मेला उदघाटन में पहुंचे लेकिन उनमें भी संत समाज के अध्यक्ष प्रभु चैतन्य स्वामी ने प्रशासन स्वागत इत्यादि नहीं करवाया।

उदघाटन स्थल पर इण्डिया अगेंस्ट करप्शन ने मांगों को लेकर की नारेबाजी

इण्डिया अगेंस्ट करप्शन के लगभग एक दर्जन कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह एडवोकेट, गोपालबाबू पुरवार एवं अन्य सदस्यों के साथ मेला रामनगरिया उदघाटन स्थल पर पहुंचे। उदघाटन स्थल पर कार्यकर्ताओं व संतों ने मांगों को लेकर उदघाटन पान्डाल में ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी। जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया। मांग करने वालों में लक्ष्मण सिंह एडवोकेट, गोपालबाबू पुरवार, सेठ बहादुर मिश्र, मुन्नालाल राजपूत, राघवेन्द्र द्विवेदी, विष्णु चैतन्य ब्रह्रमचारी, लक्ष्मी, राघवेन्द्र, सियाराम, मेहराज हुसैन, जगदीश वर्मा, रामऔतार शर्मा, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, आदि शामिल रहे।

मेला उदघाटन कार्यक्रम में अहमियत न मिलने पर उर्मिला लाल-पीली

समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत उस समय रामनगरिया मेला प्रदर्शनी उदघाटन पर आक्रोषित हो गयीं जब मेला व्यवस्थापक द्वारा उनको दीपदान के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया। काफी ना नुकर के बाद एसडीएम सदर व अन्य सपाइयों द्वारा उन्हें पान्डाल में बैठाकर चाय नाश्ता कराया गया।

सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत को उस समय भारी टीस महसूस हुई जब नामनगरिया मेला उदघाटन अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें तरजीह नहीं दी। रविवार को लगभग 3 बजे रामनगरिया मेला का प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ आई पी पाण्डेय ने फीता काटकर उदघाटन किया। जिसके बाद लगभग पांच बजे पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गयीं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों व मेला प्रबंधक ने उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इतना सब कुछ पूर्व विधायिका एक तरफ बैठी देखतीं रहीं। पूर्व विधायिका से उस समय नहीं रहा गया जब मेला प्रबंधक सुरेश सोमवंशी उन्हें देखकर भी अनदेखा करके चले गये। इसके साथ ही शाम के समय दीपदान व आरती इत्यादि आयोजन भी पूर्ण हो गया। जिस पर उर्मिला राजपूत कार्यक्रम स्थल से उठकर जाने लगीं। जब पूरा कार्यक्रम निबट गया तो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह व एसडीएम सदर भगवानदीन वर्मा ने उर्मिला राजपूत को पान्डाल में बैठाकर चाय नाश्ता करवाया।

जहां उर्मिला राजपूत ने एसडीएम से अपनी टीस निकालते हुए कहा कि उन्हें व्यवस्थापक ने देख लिया था तो अंदर आने के लिए क्यों नहीं कहा। इस तरह से उनको कहीं भी उपेक्षा का शिकार नहीं होना पड़ा। यह पहला मौका है जहां प्रशासन द्वारा उनकी इतनी उपेक्षा की गयी।