हाथरस: हाथरस में मृत दलित युवती के मामले में एसआइटी जांच के बीच सीबीआइ जांच की संतुष्टि की गई है। इसी बीच इस मामले के आरापितों ने जेल से एसपी हाथरस को पत्र भेजकर चौंकाने वाली जानकारी दी है। एसपी को भेजी गई चिट्ठी में चारों आरोपी संदीप, रामू, रवि और लवकुश के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी हैं। जेलर आलोक सिंह ने बताया कि पत्र हाथरस एसपी को भेज दिया है।
एसपी हाथरस को संबोधित इस पत्र के मुताबिक चारों बेकसूर हैं और इन्होंने मृत युवती के साथ कभी भी गंदा काम नहीं किया। इन सभी की लड़की से फोन पर बात होती थी, इसी कारण युवती के भाई ने ही उसको बुरी तरह पीटा। हाथरस के बूलगढ़ी गांव में मृत दलित युवती को लेकर आरोपितों ने खुद को बेकसूर बताया है। चारों ने एसपी हाथरस को पत्र भेजकर मृत युवती के भाई पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। बूलगढ़ी गांव के आरोपित संदीप, रामू, रवि तथा लवकुश इन दिनों हाथरस जेल में बंद हैं। इन सभी ने बुधवार रात हाथरस एसपी को पत्र लिखा। पत्र एसपी को आज प्राप्त हुआ है। इस पत्र में इन सभी ने खुद को बेकसूर बताया है।
हाथरस केस में आरोपियों ने पुलिस अधीक्षक को लिखी चिट्ठी में खुद को झूठे मामले में फंसाए जाने की दलील दी है। आरोपी संदीप, रामू, लवकुश और रवि ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। मुख्य आरोपी संदीप ने चिट्ठी में वारदात के पूरे घटनाक्रम को बताया है। आरोपी की कहना है कि उसकी तो मृत युवती से जान-पहचान थी और फोन पर बातचीत होती थी। मुख्य आरोपी संदीप ने चिट्ठी में बताया कि इस केस में आरोपी बनाए गए रवि और रामू उसके परिवार से ताल्लुक रखते हैं और रिश्ते में उसके चाचा हैं।
मुख्य आरोपी ने चिट्ठी में यह भी दावा किया कि उसकी मृत युवती के साथ दोस्ती थी, जिस पर उसके परिवार को एतराज था। घटना वाले दिन के बारे में आरोपी का कहना है कि वह उस दिन मिलने खेत पर गया था लेकिन बाद वह मृत युवती के भाई व मां के कहने पर घर वापस लौट आया था और अपने पिता के साथ पशुओं को पानी पिला रहा था। मुख्य आरोपी संदीप ने चिट्ठी में मृत युवती के भाई और उसकी मां पर मृत युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। आरोपियों ने चिट्ठी में लिखा है कि उनकी मृत युवती से दोस्ती थी। हम लोगों की फोन पर बात होती थी। इसी वजह से उस दिन मां और भाई ने लड़की की पिटाई की थी। यह लोग भी मौके पर बाद में पहुंचे थे। उन्हेंं पानी भी पिलाया था, लेकिन उल्टा उन्हेंं ही फंसा दिया गया। चारों आरोपियों ने इस मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इनका कहना है कि उस दिन मृत युवती की पिटाई मां और भाई ने की थी। आरोपितों ने यह भी बताया है कि उनकी मृत युवती से दोस्ती और काफी देर फोन पर ओर बात करने की वजह से उसको भाई व मां ने पीटा है। इतनी बुरी तरह पीटा है, इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं थी। इन लोगों ने कहा कि घटना वाले दिन भी हमारी मृत युवती से मुलाकात हुई थी। इस दौरान लड़की की मां तथा भाई के कहने पर मैं वहां से चला गया। हमारी फोन पर बात होती थी, लेकिन हमने कभी उसको न तो मारा-पीटा और न ही उसके साथ गलत काम किया।
हाथरस केस के चारो आरोपियों नें खुद को बताया निर्दोष, कहा युवती की माँ और भाई नें ही पीटा
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]


