फर्रुखाबाद: कचहरी स्थित शेशन न्यायालय में जिला कारागार से लाये गये 58 कैदियों को एक छोटी सी हवालात में बंद किये जाने से गर्मी के कारण तिलमिलाये कैदियों ने जमकर बबाल काटा। बंदियों ने यह भी मांग की कि उन्हें उनके परिजनों से मिलने दिया जाये व उनकी जरूरत की वस्तुओं को जेल के अंदर ले जाने दिया जाये। जिस पर अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने कचहरी पहुंचकर बंदियों को समझा बुझाकर शांत किया।
सुबह लगभग 12 बजे जिला कारागार से 58 बंदियों को शेशन न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। जहां पर सभी 58 कैदियों को एक ही हवालात मेें भेंड बकरियों की तरह अमानवीय व्यवहार करते हुए घुसेड़ दिया। जिससे थोड़ी ही देर में बंदियों का गर्मी से बुरा हाल हो गया। उधर बंदियों को उनके परिजनों से नहीं मिलने दिया जा रहा था। जिससे तिलमिलाये बंदियों ने हंगामा व नारेबाजी करना शुरू कर दी। हंगामें की कोतवाली पुलिस को सूचना दी गयी। जिस पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस द्वारा लाख समझाने पर भी बंदी किसी कीमत पर नहीं माने बंदी मांग कर रहे थे कि उन्हें उनके परिजनों से मिलने दिया जाये व जेल में उन्हें उनकी जरूरत की वस्तुओं को भी ले जाने दिया जाये। इसके अलावा भी कई समस्यायें बंदियों ने बतायीं। बंदियों के हंगामें की सूचना आला अधिकारियों को भी दी गयी। जिस पर अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंचकर बंदियों की बात को गंभीरता से
सुना।
एएसपी ने बंदियों को समझाया कि उनके स्तर की यदि कोई समस्या है तो वह उसे निबटा देंगे लेकिन जेल में कोई भी वस्तु ले जाने वाली बात है तो वह अपनी बात कोर्ट या जेल प्रशासन के पास रखें। इससे मेरा कोई सम्बंध नहीं है। यहां पर कोई हंगामा नहीं करेगा। काफी समझाने के बाद बंदियों का हंगामा शांत किया जा सका।


