हत्या मामले में फंस सकते पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह

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Awadhpalबसपा सरकार में मंत्री रहे अवध पाल सिंह उनके बेटे व दो भाई दो साल पहले एटा में दिनदहाड़े हुई तीन लोगों की हत्या में बुरी तरह से फंसते नजर आ रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्याकांड में इनके खिलाफ सीजेएम द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश का एसएसपी को पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रकरण की जांच सीबीसीआइडी को सौंपने के सरकारी आदेश को सही करार दिया है। मंत्री के प्रभाव के कारण पुलिस ने कोर्ट के प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश का पालन नहीं किया था।

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यह आदेश न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह तथा न्यायमूर्ति एके अग्रवाल की खंडपीठ ने सोनू वर्मा की याचिका पर दिया है। याची ने सीबीसीआईडी की जगह किसी अन्य एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने इस याचिका को दबाव में या फर्जी होने का संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि याची की मांग विरोधाभासी है जो स्वीकार होने योग्य नहीं है।
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मालूम हो कि 10 जून 11 को दोपहर दो दर्जन से अधिक लोगों ने याची की दुकान पर हमला बोल दिया, फायरिंग व बमबाजी की जिसमें याची के पिता व भाई तथा सुरक्षा गार्ड की हत्या हो गई। दुकान से नगद व जेवरात लूट ले गए। याची ने जैथरा थाना जिला एटा में 14 लोगों को नामजद करते हुए दो दर्जन से अधिक लोगों पर हत्या व लूट करने की प्राथमिकी दर्ज कराई। इस मामले में याची के पिता विजय सिंह वर्मा, भाई अभिनव वर्मा व गनर संतोष कुमार की हत्या की गई। संतोष के लड़के अनुरोध सिंह ने सीजेएम कोर्ट से प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश प्राप्त कर लिया था। पुलिस ने सीजेएम आदेश का पालन नहीं किया तथा याची की प्राथमिकी की जांच कर 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। याची ने याचिका दाखिल कर मंत्री के दबाव में निष्पक्ष जांच न होने के आधार पर अन्य एजेंसी से जांच की मांग की। बाद में जांच सीबीसीआइडी कानपुर को सौंप दी गई तो याची ने दूसरी याचिका दाखिल कर विरोध किया। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और एजेंसी को जांच का आदेश दिया है।

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