सीएमओ कार्यालय परिसर में पीएचसी कर्मी नें पेट्रोल डाल किया आत्मदाह का प्रयास

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कर्मचारियों से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन कार्यालय में कर्मचारियों के साथ छोटे-छोटे मुद्दों पर विवाद की स्थिति बन जाती है। बताया गया कि पिछले दिनों भी कई बार उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से अमर्यादित भाषा में बात की थी।
गुरुवार को तो स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब एक कर्मचारी ने मानसिक रूप से आहत होकर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कने लिया मौके पर मौजूद साथियों ने उसे किसी तरह शांत कराया और बड़ी अनहोनी टल गई। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सम्मान को लेकर गंभीर चिंता जताई। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के ना आनें पर कार्यालय में ही ज्ञापन दे दिया| ज्ञापन में कहा गया है कि आपके द्वारा की जा रही गाली-गलौज, अपमानजनक शब्दावली और कर्मचारियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की घटनाएं कार्य वातावरण को दूषित कर रही हैं। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है। तो कर्मचारी वर्ग आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे कर्मचारी वर्ग के सम्मान से जुड़ा है। कर्मचारी अब और अपमान सहन नहीं करेंगे। इस दौरान अभिषेक वाजेपयी जिलाध्यक्ष, महामंत्री संजय बाथम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष साबिर हुसैन,राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री प्रमोद दीक्षित, एक्स्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शंकर तिवारी, भगवान सिंह, पंकज शुक्ला, राज आर्यन अग्निहोत्री, राजपाल, अंकित दीक्षित आदि रहे|
सीएमओ अवनींद्र कुमार ने बताया कि कुछ लोग जो काम में लापरवाह हैं। काम को व्यवस्थित ढंग से करने को लेकर जब डांट फटकार की जाती है। तो वह उसे अलग रूप देकर दवाब बनाने का प्रयास करते है। आज की घटना राजनीति से प्रेरित लगती है।

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