हवाई दावों की पोल: शहर में ही जारी है सिर पर मैला ढोने की प्रथा

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FARRUKHABAD : जनपद में भले ही मैला ढोना कानूनी अपराध बताते हुए कागजों में इस प्रथा का उन्मूलन कर लिया गया हो लेकिन हकीकत में आज भी दर्जनों महिलायें सुबह से शाम तक सिर पर मैला ढोते देखी जा सकती हैं। लेकिन प्रशासन के अधिकारियों को इस बात की कोई परवाह नहीं है। इस सम्बंध में सफाई कर्मचारी आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने भी जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर इस घिनौने काम को बंद करवाकर कर्मचारियों के पुनर्वास की मांग की है।

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सफाई कर्मचारियों ने कहा है कि मैला सिर पर ढोने की सूचना पहले भी उनके द्वारा नगर पालिका के ईओ व डीपीआरओ को दी गयी थी। लेकिन इन अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी और न ही किसी का आज तक पुनर्वास किया गया।

कागजों में भले ही सिर पर मैला ढोने वाली महिलाओं के पुनर्वास की व्यवस्था कर इससे निजात दिलाने की बात कही जा रही हो लेकिन जनपद के अधिकारियों की लापरवाही से आज भी यह गरीब महिलायें रोजी रोटी चलाने व अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए इस कृत्य को कर रहीं हैं।

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सफाई कर्मचारियों ने मांग की है कि मैला ढोने वाले कर्मचारियों के पुनर्वास हेतु युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण, मजदूरों को रिक्शा तथा स्वतः रोजगार हेतु लोन दिलवाकर इनका पुनर्वास कराया जाये।

इस दौरान सुजीत कुमार राही, जयगोपाल, ऋषि कुमार, प्रवेश, सर्वेश, उमेश, विजय अनुरागी, अमित, विशाल, दीपक, कृष्ण गोपाल आदि मौजूद रहे।

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