समाधान दिवस में सख्ती: डीएम का कड़ा एक्शन, लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस इस बार औपचारिकता से आगे बढ़कर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का केंद्र बन गया। जिलाधिकारी अंकुल लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की मौजूदगी में जनसुनवाई के दौरान जवाबदेही और अनुशासन का सख्त संदेश देखने को मिला।समाधान दिवस में कुल 114 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मात्र 2 का मौके पर निस्तारण हो सका। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग से 48, पुलिस विभाग से 22, विकास विभाग से 18, विद्युत विभाग से 3, खाद्य एवं रसद विभाग से 5 तथा अन्य विभागों से 18 शिकायतें शामिल रहीं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई https://youtube.com/shorts/VHd8g5BeadM?si=lDKJ0RpLIt2 मामलों में मौके पर ही सख्त फैसले लिए। सबसे पहले विरासत के एक मामले में फरियादी अंशुल दीक्षित पत्नी प्रियांशु ने शिकायत की कि उनके पति की मृत्यु के बाद भी विरासत दर्ज नहीं की गई, बल्कि लेखपाल और कानूनगो ने बिना किसी ठोस कारण के मामला कोर्ट में भेज दिया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद पिथनापुर निवासी कुंती पत्नी भूरेलाल की शिकायत सामने आई, जिसमें उन्होंने वर्ष 2022 से लगातार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद पैमाइश न होने की बात कही। इस पर नाराज जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल उत्कर्ष दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दे दिए। फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त ने जुलाई 2021 से वेतन न मिलने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए। अन्य मामलों में योगेंद्र प्रकाश (अमृतपुर) ने चकमार्ग खुलवाने, रामजीत पुत्र छविनाथ ने तालाब पर अवैध कब्जा हटवाने, राकेश पुत्र शेर सिंह (जोगराजपुर) ने तालाब के पुनर्निर्माण तथा राजीव पुत्र प्रेमसागर (नगरिया जवाहर) ने सार्वजनिक मार्ग निर्माण की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।समाधान दिवस में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई और प्रशासन के सख्त तेवरों से यह साफ हो गया कि जनता की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अवनिन्द्र कुमार , उपजिलाधिकारी संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।