मंत्री के कॉलेज की फर्जी मार्कशीट से अनुदेशक में चयन, शिकायत नजरअंदाज

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फर्रुखाबाद: घपलो, घोटालो और भ्रष्टाचार से लबालब बेसिक शिक्षक विभाग के फर्रुखाबाद कार्यालय का एक नया कारनामा सामने आया है| शासन के पूर्व कठोर आदेशो के बाबजूद प्रतिबंधित मेघालय की यूनिवर्सिटी के द्वारा जारी मार्कशीट के आधार पर चयन तो हुआ ही, इसकी पूर्व पंजीकृत डाक द्वारा भेजी शिकायत भी अनदेखी कर दी गयी| यही नहीं एक अभ्यर्थी ने तो इंटर की मार्कशीट में ही 100 नंबर बढ़ाकर नकली मार्कशीट के आधार पर अनुदेशक की जारी सूची में नाम लाने में सफलता प्राप्त कर ली| इसकी भी जानकारी पूर्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पंजीकृत डाक द्वारा भेजी गयी थी| जाहिर है इन दोनों मामलो में गड़बड़ी की पूर्व में जानकारी के बाबजूद नियुक्ति हो जाना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है| वहीँ अधिकारिओ और अनुदेशक भर्ती पटल देख रहे बाबूओ का कहना है कि बाद में जाँच करायी जाएगी तो निकाल बाहर कर दिया जायेगा| खेल भ्रष्टाचार रोकने का कम भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद मामला निपटाने के दौरान और रकम पैदा करने की नियत का दिखता है| ये है देश की भावी पीड़ी को शिक्षित और योग्य बनाने वाले कर्तव्यनिष्ठ जिन्हें कभी सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता था|

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पहला मामला फर्रुखाबाद में जारी अनुदेशक की सूची के क्रमांक 11 पर दर्ज नाम आमोद कुमार का है| आमोद कुमार ने शारीरिक शिक्षा में ग्रेजुएट मेघालय की यूनिवर्सिटी का अंकपत्र लगाया है जिसमे उनके 445/500 प्राप्तांक है| ऊँचे अंक के आधार पर वे अनुदेशक नियुक्त होने में कामयाब हो गए है| मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब अनुदेशक चयन प्रक्रिया के दौरान ये शासन ने तय कर दिया था कि उक्त यूनिवर्सिटी से पास हुई मार्कशीट वाले चयन प्रक्रिया में शामिल न किये जाए तो फिर इनकी काउन्सलिंग कैसे हो गयी| यही नहीं सम्बन्धित शासनादेश फर्रुखाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी के ब्लॉग/वेबसाइट जो स्वयं इनके द्वारा चलायी जा रही है पर इस आदेश को प्रकाशित भी किया गया था| जानकारों का मानना है कि सम्भवत: ऐसे आदेश का उपयोग नियम पालन के लिए नहीं उगाही की धमकी के लिए इस्तेमाल कर लिए जाते है|

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दूसरा मामला सूची संख्या 53 पर दर्ज नाम कुमारी संध्या का है| कुमारी संध्या पुत्री कश्मीर सिंह ने जो मार्कशीट अनुदेशक चयन के लिए लगायी है उसके अनुसार उनके इंटर में 396/500 है| मगर एक एक जागरूक शिकायतकर्ता ने खोज निकाला कि संध्या ने पुरुषोत्तम सिंह इंटर कॉलेज नवाबगंज से वर्ष 2005 में इंटर किया था जिसमे उन्हें 296/500 अंक प्राप्त हुए थे| सबूत के तौर पर उक्त शिकायतकर्ता ने बाकायदा इसकी मार्कशीट और गजट देखा और इसकी सूचना चयन सूची प्रकाशन से एक माह पूर्व ही बेसिक शिक्षा अधिकारी और उच्च अधिकारिओ को भेजी मगर फर्जीवाड़ा रोकने की बजाय उक्त का नाम चयन सूची में प्रकाशित हो गया| ये कैंडिडेट गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में शारीरिक शिक्षा अध्यापक की पुत्री बताई जा रही है|
ANUDESHK LIST
देखे असली मार्कशीट और अनुदेशक की कट ऑफ सूची में दर्ज अंक-SANDHYA MARKSHEET

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