फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के अवसर पर मंगलवार को जनपद के विभिन्न विद्यालयों, स्वास्थ्य इकाइयों, महिला आरोग्य समितियों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में हाथों की स्वच्छता के महत्व को विस्तार से समझाया गया।स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) के तत्वावधान में डायरिया से डर नहीं अभियान के तहत पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया एवं केनव्यू के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें लगभग 2000 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 6 चिकित्सक, 286 आशा कार्यकर्ता, 98 एएनएम/सीएचओ, 88 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 45 शिक्षक, 898 समुदाय के सदस्य एवं 581 बच्चे शामिल रहे।पीएसआई इंडिया के अमरीश कुमार पांडेय एवं अनुपम मिश्रा द्वारा एक विद्यालय और चार स्वास्थ्य केंद्रों पर तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। इन कार्यक्रमों में 49 आशा कार्यकर्ता, 18 एएनएम, 58 छात्र-छात्राएं एवं 8 अध्यापक शामिल हुए। कार्यक्रमों के अंतर्गत स्वच्छता संसाधनों पर चर्चा, शपथ ग्रहण, क्विज प्रतियोगिता एवं रोल प्ले जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से डायरिया प्रबंधन एवं नियमित हाथ धोने की आदतों को बढ़ावा दिया गया।जिला स्वास्थ्य समिति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों से न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि डायरिया जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है।कार्यक्रम में बताया गया कि संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है—हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक सही तरीके से धोना। दिनभर में हम कई वस्तुओं और लोगों के संपर्क में आते हैं, जिससे हाथों पर गंदगी और कीटाणु जमा हो जाते हैं। इसलिए नियमित और सही तरीके से हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है।सामुदायिक स्तर पर SUMANK (सुमन-के) के छह चरणों के माध्यम से सही हाथ धोने की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया गया—S (एस): साबुन-पानी से झाग बनाकर हथेलियों को रगड़ेंU (यू): हाथों के उल्टे हिस्से को साफ करेंM (एम): मुट्ठी बंद कर अच्छी तरह रगड़ेंA (ए): अंगूठों को साफ करेंN (एन): नाखूनों की सफाई करेंK (के): कलाइयों को भी अच्छी तरह धोएंबताया गया कि यदि इन छह चरणों को नियमित रूप से अपनाया जाए तो संक्रामक बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।विशेष रूप से यह भी बताया गया कि बच्चों की देखभाल से पहले, मरीजों की सेवा से पहले और बाद में, खाना बनाने या खाने से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद, खांसने या छींकने के बाद, कचरा या गंदी सतह को छूने के बाद तथा जानवरों के संपर्क में आने के बाद हाथों को अवश्य धोना चाहिए।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे हाथ स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
विश्व हाथ स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित



