रिश्तेदारों को निजी स्टाफ नहीं बना सकेंगे मंत्री

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NARENDRA MODI PMनई दिल्ली: एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार में परिवारवाद को तनिक भी जगह नहीं मिलने वाली। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग [डीओपीटी] ने मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को स्पष्ट कर दिया है कि वे निजी स्टाफ में अपने परिवार के किसी सदस्य को नहीं रखें।

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सरकारी कामकाज से परिवारवाद को पूरी तरह दूर रखने के नरेंद्र मोदी के अभियान के तहत डीओपीटी ने कैबिनेट मंत्रियों से लेकर राज्य मंत्रियों तक सभी को यह निर्देश जारी कर दिए हैं। मोदी मंत्रिमंडल में शामिल एक मंत्री ने बताया कि उन्हें कहा गया है कि वे अपने मुताबिक तय संख्या में पर्सनल स्टाफ रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि इसमें उनके परिवार के सदस्य न हों।

पिछली सरकार में कई मंत्रियों पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने अपने दफ्तर में बड़ी संख्या में परिवार के लोगों और रिश्तेदारों की भर्ती कर ली है। ऐसे लोग ना सिर्फ मंत्रालय के अधिकारियों के लिए मुसीबत बन जाते हैं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति के लिए भी चुनौती खड़ी कर देते हैं।

इससे पहले मोदी ने मंत्रिमंडल के गठन के दौरान ही स्पष्ट संकेत दे दिए थे कि उनकी राजनीति में परिवारवाद के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने किसी दिग्गज भाजपा नेता के पुत्र-पुत्री को अपने मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी। जबकि, पार्टी में कम से कम सात ऐसे सांसद थे, जो मंत्री पद पर अपना दावा मजबूत समझ रहे थे।
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