फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली, पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण संतोष कुमार तिवारी, बार पदाधिकारी, अधिवक्ता, वादकारी एवं न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न बैंक, विद्युत विभाग, नगर पालिका परिषद तथा अन्य विभागों द्वारा अपने-अपने स्टाल लगाकर पक्षकारों की सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक वसूली से संबंधित 549 मामलों का निपटारा कर बैंकों को 6 करोड़ 32 लाख 78 हजार 500 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। वहीं विद्युत बिल से संबंधित 60,283 मामलों का भी निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय जमशेद अली ने 40 पारिवारिक वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया, जिनमें से सात दंपतियों के बीच सुलह-समझौता कराकर उन्हें एक साथ रहने के लिए विदा किया गया। मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने 20 मामलों का निपटारा किया, जबकि जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नरेश कुमार ने 13 मामलों का निस्तारण किया।
लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों और विभागों द्वारा चिन्हित कुल 4,574 लंबित मामलों में से 4,089 तथा प्री-लिटिगेशन के 1,34,764 मामलों में से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार कुल 1,39,338 मामलों में से 1,37,769 मामलों का निस्तारण कर लगभग 11 करोड़ 91 लाख 10 हजार 805 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अधिकारियों के सहयोग से लक्ष्य से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। कार्यक्रम के समापन पर जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार और अपर जिला जज व नोडल अधिकारी संजय कुमार ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अपर जिला जज शैली रॉय, अभिनितम उपाध्याय, तरुण कुमार सिंह, रितिका त्यागी, दीपेंद्र कुमार सिंह, मेराज अहमद, संदीप तिवारी, सत्येंद्र सिंह वर्मा, अंजू कंबोज, संजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट घनश्याम शुंगा, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयवीर सिंह आदि न्यायिक अधिकारी रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ, 1.37 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण




