यूपी में यातायात सुरक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी!

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road jaamलखनऊ. प्रदेश में सड़क दुघर्टनाओं पर लगाम कसने की कोशिश में परिवहन विभाग ने नई पहल की है। विभाग एक प्रस्‍ताव तैयार कर रहा है, जिसके तहत जूनियर हाईस्‍कूल तक के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा को अनिवार्य करने की बात कही गई है। खुद परिवहन मंत्री इस प्रस्‍ताव को सीधे मुख्यमंत्री को सौंपेगे।

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राजधानी में आयोजित शुभम सोती फाउंडेशन के स्‍थापना दिवस पर आयोजित पुरस्‍कार समारोह में पहुंचे परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद ने कहा कि यातायात नियम बने हुए हैं। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इनका पालन नहीं करने वालों के चालान भी करते हैं। लेकिन इसके बाद भी ड्राइवर खुद को नियंत्रित नहीं कर रहे हैं।
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यही कारण है कि कहीं शराब का नशा तो कहीं बेलगाम रफ्तार दुघर्टनाओं का कारण बन रही हैं। सीट बेल्ट या हैलमेट का प्रयोग ना करने वालों की अकाल मौत भी हो रही है। फाउंडेशन द्वारा उठाई गई मांग पर अपनी सहमति जताते हुए मंत्री ने कहा कि मानव जीवन बेहद अमूल्य है। जीवन को बचाए रखने के लिए बचपन से ही यातायात नियमों की जानकारी और इसके पालन की सीख देनी जरूरी है। वह मुख्यमंत्री से इस बात पर चर्चा करेंगे कि यातायात की सावधानी से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। इसी के साथ उन्होंने इंजीनियरिंग के स्‍टूडेंट्स द्वारा पेश किए गए प्रोजेक्ट को सराहते हुए कहा कि भविष्य में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस मौके पर परिवहन मंत्री ने यातायात तहज़ीब नामक फोल्डर का भी विमोचन किया। इससे जुडऩे वाले लोगों को पर्यावरण और यातायात के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इस मौके पर इंजीनियर्स ने ऑटोमैटिक स्ट्रीटलाइट, स्पीड ब्रेकर और जीपीएस से लैस कंट्रोल सिस्टम को ऑपरेट करके दिखाया। फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष सोती ने कहा कि संस्था यातायात जागरुकता को समर्पित है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि सडक़ दुघर्टनाओं में होने वाली मौतों में प्रदेश ही नहीं पूरे देश में कमी आए। जब यह आंकड़ा नीचे गिरने लगेगा तब हमें अपने प्रयास पर संतोष होगा। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।

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