फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) दरअसल सपा के धरना प्रदर्शन के दौरान भगवान परशुराम के ऊपर अमर्यादित टिप्पणी की गयी थी| उस धरना प्रदर्शन के दौरान सपा महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा की मौजूदगी थी| जिससे समाज के लोगों नें राघव दत्त मिश्रा पर आरोप प्रत्यारोप जड़े| 
शुक्रवार को महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा नें सपा सुप्रीमों को पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया| राघव नें पत्र में कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनवाने के बाद 2018 में सपा में शामिल हो गया था। विगत दिन फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में धरना प्रदर्शन में जवाहर सिंह गंगवार नामक व्यक्ति जो कि हमेशा समाज विरोधी विवादित वक्तव्यों के लिये कुख्यात है, उसे कार्यक्रम में वक्तव्य देने वाले लोगों में शामिल कर आमंत्रित किया गया और जवाहर सिंह गंगवार द्वारा हमारे आराध्य भगवान परशुराम जी के लिये आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी| जो कि आपके व पार्टी द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों के विरोधाभासी है। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव कर रहे थे, फिर भी उनके द्वारा कोई आपत्ति 
जवाहर सिंह गंगवार के विवादित वक्तव्य पर न तब की गई और न अभी तक की गयी| जिस कारण फर्रुखाबाद महानगर जो कि ब्राह्मण बाहुल्य है वहाँ ब्राह्मण समाज के लोगों में सपा की ब्राह्मण समाज के प्रति नीति व निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है? ऐसे ब्राह्मण व अन्य समाज विरोधी गतिविधि चलाने वाले जवाहर सिहं गंगवार जैसे व्यक्तियों को पार्टी के कार्यक्रमों के वैन किया जाये जिससे मेरे द्वारा किये जा रहे पार्टी हित के कार्यों में ग्रहण न लगे। आपके इस निर्णय से फर्रुखाबाद ही नहीं आस-पास के जिलों में भी सकारात्मक सन्देश जायेगा| जिलाध्यक्ष चन्द्र पाल यादव नें कहा कि मौके पर महानगर अध्यक्ष भी मौजूद थे| उन्हें तत्काल परशुराम के वयान पर विरोध दर्ज कराना चाहिए था| 
भगवान परशुराम प्रकरण पर सपा महानगर अध्यक्ष नें सुप्रीमों को लिखा पत्र
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