बीएसए को गारंटी देनी होगी कि ‘हर स्कूल में हैं विज्ञान शिक्षक’

0
104

SSA-UP लखनऊ : कई वर्षो के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान विषय की पढ़ाई को विशेष तरजीह देने का मन बनाया है। इसके तहत नई समायोजन/स्थानांतरण नीति में यह व्यवस्था की गई है कि अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इस बात का प्रमाणपत्र देंगे की हर स्कूल में न्यूनतम एक विज्ञान शिक्षक तैनात हैं। बीएसए बेसिक शिक्षा परिषद को यह प्रमाणपत्र देंगे। वहीं समायोजन के दौरान विज्ञान विषय के शिक्षकों की तैनाती के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
[bannergarden id=”8″][bannergarden id=”11″]
आगामी शैक्षिक सत्र के लिए घोषित की गई स्थानांतरण, समायोजन नीति में कुछ नए निर्देश शामिल किए गए हैं। समायोजन के लिए पहले जिले के सभी पात्र शिक्षकों की पदोन्नति कर उनकी वरिष्ठता सूची जारी कर आपत्तियां मांगी जाएंगी। सभी आपत्तियों का निस्तारण कर पदोन्नति आदेश 31 मई तक जारी करने की व्यवस्था की गई है। बीएसए को विज्ञान और अंग्रेजी शिक्षक विहीन विद्यालयों की सूची अलग से तैयार करने का निर्देश दिया गया है। समायोजन में व्यवस्था दी गई है कि अगर उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक ही विज्ञान अध्यापक मौजूद है तो उसे नहीं हटाकर उसके अतिरिक्त कनिष्ठतम कला अध्यापक का समायोजन किया जाएगा। समायोजन 30 जून तक संपन्न करने का निर्देश दिया गया है।

[adrotate banner="3"]

पदोन्नत पद है विज्ञान अध्यापक पद

बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम एक विज्ञान अध्यापक तैनात किए जाने का निर्देश दिया है। परिषद के निर्देश के अनुसार विज्ञान अध्यापक का पद पदोन्नति का पद है। परिषद ने माना है कि प्रदेश में विज्ञान अध्यापक बनने की योग्यता वाले शिक्षक पर्याप्त हैं पर पदोन्नति के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती न होने से सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों तक शिक्षक नहीं पहुंच सके हैं।

[adrotate banner="2"]