बादशाह सिंह, उनकी पत्नी समेत चार के खिलाफ चलेगा अभियोग

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Badshah Singhलखनऊ : शासन ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री बादशाह सिंह उर्फ रामेन्द्र सिंह और उनकी पत्नी समेत चार के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की मंजूरी दे दी है। अब उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा। शासन ने यह निर्णय सतर्कता विभाग की विवेचना के आधार पर लिया है।
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सतर्कता विभाग ने 25 अप्रैल को शासन को आख्या सौंपकर पूर्व श्रम मंत्री बादशाह सिंह, उनकी पत्नी रत्ना सिंह, विद्यालय के प्रबंधक राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ ज्ञान सिंह तथा सदस्य ऋतुराज सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अनुमति मांगी थी। इनके विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 447, 448, 120 बी एवं धारा 13 (1) सी व 13 (1) डी सहपठित 13 (दो) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत (आपराधिक अतिचार, षड्यंत्र, पद का दुरुपयोग, अनअनुपातिक संपत्ति और भ्रष्टाचार आदि) सतर्कता विभाग ने न्यायालय में अभियोग चलाने की संस्तुति मांगी थी। इसके अलावा श्रम मंत्री रहते बादशाह सिंह द्वारा महाविद्यालय के प्रबंध तंत्र से 25 लाख 50 हजार रुपये ब्याज सहित वसूलने की भी संस्तुति सतर्कता विभाग ने की थी। गृह सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि शासन ने दोनों सिफारिशों को मंजूर कर उक्त नियमों के अधीन न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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ध्यान रहे कि पूर्व श्रम मंत्री के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच लोकायुक्त द्वारा की गयी थी। फिर मामले में सतर्कता विभाग ने खुली जांच की जिसमें आपराधिक कृत्य पाये जाने पर शासन ने विवेचना के निर्देश दिए थे। सतर्कता विभाग ने विवेचना में बादशाह सिंह के कृत्यों को उजागर कर दिया। नोटिस लेने की बात है कि बादशाह ने पद का दुरुपयोग कर अपने पिता स्व. रामेश्वर के नाम पर बाबू रामेश्वर सिंह महाविद्यालय खरेला, महोबा में खोला। महोबा में खलिहान के लिए सुरक्षित भूमि पर महाविद्यालय निर्माण कराया गया और उसमें विधायक व सांसद निधि के धन का दुरुपयोग किया गया। उन पर और भी कई आरोप लगे।

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