पोस्टमार्टम में मासूम की हत्या की गुत्थी उलझी, बिसरा सुरक्षित

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फर्रुखाबाद: बीते दिन शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कादरीगेट पुलिस चौकी के पीछे निवासी राधेश्याम शुक्ला के पुत्र 13 वर्षीय सुन्दरम को उसके ही सौतेली बहन के लड़के ने दूध में जहर देकर मौत के घाट उतार दिया था।जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में हत्या की गुत्थी उलझ गयी। शव का बिसरा सुरक्षित कर लिया गया।

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विदित है कि सुन्दरम की मां पुष्पा की मौत बीते 24 अगस्त 2012 को हो गयी थी। उधर पड़ोसी जनपद हरदोई के पाली बेनीगंज निवासी उसकी बहन सुमन बाजपेयी पत्नी सुरेश बाजपेयी की शादी के वर्षों बाद भी कोई संतान नहीं हुई तो बहनोई ने दूसरा विवाह मुन्नीदेवी से कर लिया। मुन्नीदेवी के एक पुत्री सुधा पैदा हुई। सुधा की शादी होने के बाद उसने एक पुत्र हरिओम को जन्म दिया। इधर सुमन के कोई संतान नहीं थी। जिस पर तकरीबन 7 साल पूर्व उसने अपने भाई राधेश्याम के पुत्र सुन्दरम को गोद ले लिया। सुन्दरम पाली में ही जूनियर स्कूल में कक्षा 7 की पढ़ाई के साथ-साथ सिलाई का काम भी सीख रहा था। इधर सुधा के पुत्र हरिओम का विवाह राधा से हो गया। हरिओम को यह बात रास नहीं आ रही थी। उसे यह डर था कि उसकी सौतेली नानी कहीं गोद लिये सुन्दरम को अपनी जमीन न दे दें। सुमन बाजपेयी ने आरोप लगाया कि हरिओम अक्सर दोनो को जान से मारने की धमकी देता रहता था।

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बीते दिन हरिओम व उसकी पत्नी राधा ने मौका देखकर सुन्दरम को दूध में जहर पिला दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी। सूचना होने पर सुन्दरम की बुआ सुमन उसे लेकर फर्रुखाबाद पहुंचीं और नाला मछरट्टा स्थित प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे लोहिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सुन्दरम के पिता व बुआ सुमन बाजपेयी ने जायजाद के लिए जहर देकर मारने का आरोप लगाया था।

शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जहां डा0 कमलेश शर्मा ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें 90 प्रतिशत जहरीला पदार्थ खिलाने से ही सुन्दरम की मौत की पुष्टि हुई है। लेकिन पूर्ण रूप से पुष्टि न होने पर बिसरा सुरक्षित कर लिया गया। जिससे सुन्दरम की हत्या की गुत्थी उलझ गयी है।

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