पोषण ट्रैकर एप का डाटा हैक! साइबर ठगों ने फोन कर खाते से उड़ाये रूपये

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी पोषण ट्रैकर एप को आंगनवाड़ी केंद्र (चाइल्ड केयर सेंटर) की गतिविधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा वितरण और गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं व छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पूर्ण लाभ प्रबंधन प्रदान कराने के उद्देश्य को लेकर चालू किया गया था| जिस पर इस प्रकार की महिलाओं का डाटा भी रहता है| लेकिन उस डाटा पर साइबर ठगों की नजर पड़ गयी, साइबर अपराधियों नें डाटा को हैक करके उसमे दर्ज महिलाओं के नम्बर पर फोन पर खाते से रूपये साफ कर दिये जिससे हड़कंप मच गया है| मामले में डीपीओ व साइबर थाना पुलिस से शिकायत की गयी है|

दरअसल विकास खंड बढ़पुर के ग्राम गढिया ढिलाबल में पोषण ट्रैकर एप का डाटा साइबर ठगों ने हैक किया है| गाँव के ही उमेश कठेरिया पुत्र भूरेलाल के बताया की उसके पुत्री का जन्म लोहिया अस्पताल में लगभग चार महीने पूर्व हुआ था| उसके पास लगभग 7 दिन पूर्व एक फोन आया, जिसमे फोन करनें वाले नें कहा की उसके खाते में सुकन्या योजना के 6 हजार रूपये आयेंगे वह मोबाइल पर आये ओटीपी को बतायें, जिसके बाद ओटीपी बताते ही उमेश के खाते से 1300 रूपये निकल गये| इसी गाँव के धनश्याम राजपूत पुत्र विशेष नें बताया की उनकी पत्नी रूचि के 13 जनवरी को प्रसब लोहिया अस्पताल में हुआ था| उसके पास भी फोन आया की सुकन्या योजना की किश्त आनी है उसका खाता ठीक ना होनें पर उसने अपने पांचाल घाट के नोनमगंज निवासी रिश्तेदार विवेक राजपूत पुत्र रतिराम का खाता नम्बर दिया और कुछ देर में ही उनके खाते से 2 हजार रूपये साफ हो गये| इसके साथ ही इसी गाँव के राजीव कठेरिया के खाते से 5 हजार, राजा कठेरिया के खाते से 1550 रुपये, विवेक राजपूत पुत्र लज्जाराम के खाते से 6 हजार, राजीव कठेरिया पुत्र मिजाजीलाल के खाते से 6000, विजेंद्र सिंह के खाते से 2700, अविरल पुत्र सतीश चन्द्र के खाते से 1600 रूपये साइबर ठगों से साफ किये हैं| इन सबके फोन पर किश्त डालने के नाम पर साइबर फ्राड किया गया|
गाँव की आंगनबाड़ी भारती सिंह नें बताया की साइबर ठगों नें 7 ग्रामीणों के खाते से रूपये ठगे है| गाँव के डाटा में 15 गर्भवती, 5 धात्री, 70 बच्चे 7 माह से 3 वर्ष व 32 बच्चे 3 साल से 6 साल के दर्ज हैं| मामले की शिकायत डीपीओ व पुलिस से की है|
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अनिल कुमार श्रीवास्तव नें जेएनआई को बताया की आंगनबाड़ी ने उनसे मौखिक रूप से शिकायत की है| मामले में अभी लिखित शिकायत नही आयी है| लिखित शिकायत आनें पर जिलाधिकारी को कार्यवाही के लिए लिखा जायेगा| फिलहाल आंगनबाड़ी नें साइबर थानें में शिकायत की है| लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है|