नगरपालिका में घोटालो पर पर्दा डालने के लिए सफाई कर्मियों का इस्तेमाल

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फर्रुखाबाद: नगरपालिका में संविदा सफाई कर्मियों को सातवे वेतन आयोग के नाम पर दिए गए नियमविरुद्ध अतिरिक्त वेतन की कटौती करने और शासन से दो माह से वेतन न मिलने पर जलकल अभियंता बी बी सिंह के साथ अभद्रता एक सोची समझी साजिश बताई जा रही है| नगरपालिका के निर्माण कार्यो में नाप से ज्यादा भुगतान के बड़े मामले में फसते जा रहे अफसर और पालिका के नेता दोनों मिलकर वर्तमान अधिशाषी अधिकारी और जलकल अभियंता को घेरने ही जो रणनीति बना रहे है उससे नगरपालिका के उझ्ले हुए तार सुझलने की जगह और उलझने की पूरी उम्मीद है|

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आज शुक्रवार को सफाई कर्मचारी के नेता नीरज बाल्मीकि ने जलकल अभियंता को मीडिया के कैमेरो के सामने न केवल जलील किया बल्कि धमकी भी दी कि ये फर्रुखाबाद है और यहाँ अच्छो अच्छो को सही कर दिया है| तुम्हारी औकात ही क्या है| अपने बचने को हरिजन एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देना और अपने अफसर को सरेआम जलील करना क्या यही नरेन्द्र मोदी से सीखा है जिनके नारे नगरपालिका में लग रहे थे| शायद नहीं, इसे कोई अच्छी मिशाल नहीं कहा जायेगा| खासकर यूनियन के नेता के लिए|

वैसे अंदरखाने की बात ये है कि पूर्व अधिशाषी अभियंता रोली गुप्ता के समय सफाई कर्मचारियों को सातवे वेतन आयोग के तहत वेतन बढ़ा दिया गया था मगर संविदा कर्मियों के लिए ये नियम नहीं था| वर्तमान अधिशाषी अधिकारी रश्मि भारती के समय ये सब मामले खुले तो उन्होंने अतिरिक्त दिए गए वेतन को छटवाया और फिर कटौती शुरू कर दी| राजनैतिक लाभ लेने की द्रष्टि से पालिकाअध्यक्ष ने भी फाइलों पर दस्खत कर दिए| मगर वित्तीय मामले के फसने से मामला अब और उलझ गया है| इसी बीच किसी ने शासन ने इन सब प्रकरणों के साथ ही पालिका में निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार के मामलो की शिकायत कर दी| इन्ही सब प्रकरणों में मामलो को दबाने के लिए अधिशाषी अधिकारी और जलकल अभियंता पर दबाब बनाने के लिए पालिका के ही कुछ अफसर और बड़े लंबरदारो के इशारे पर पालिका में हंगामा वरपाया गया| मगर बन्दूक चलाने के लिए कन्धा देने वाले भूल गए कि जिनके घर शीशे के होते है वो दूसरो के घरो पर पत्थर नहीं फेका करते| बात शुरू हुई तो दूर तलक जाएगी ही| फिलहाल पूरे प्रकरण से जिलाधिकारी को अवगत कराने के लिए उनसे मुलाकात की गयी है|

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