ट्रैक्टर से बाइकों की भिंडत, दो की मौत, दो घायल

फर्रुखाबाद:(कायमगंज संवाददाता) ट्रैक्टर से दो बाइक पर सबार चार के टक्कर मार दी| जिससे चारो बाइक सबार घायल हो गये | उन्हें सीएचसी में भर्ती किया गया| जहाँ दो को मृत घोषित कर दिया गया| जबकि दो को लोहिया अस्पताल रिफर किया गया|
कम्पिल थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़ार निवासी 30 वर्षीय अनिल पुत्र कप्तान सिंह बाइक से अपनी छोटी बहिनों की किताबें लेने के लिए कंपिल बाजार आ रहे थे। वहीं ग्राम बहबलपुर निवासी 50 वर्षीय दाबिर अली पुत्र इंशाअल्ला, 23 वर्षीय आसिफ पुत्र सलीम व 25 वर्षीय रियाज़ मोहम्मद पुत्र मोहम्मद इसरार बाइक द्वारा फतेहगढ़ जा रहे थे। तभी गांव सवितापुर पेट्रोलपंप के पास मोरम लदी ट्रैक्टर ट्राली व दोनों बाइकों की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। जिसमें चारों बाइक सबार गम्भीर रूप से घायल हो गये। थाना प्रभारी विश्वनाथ आर्य ने सभी घायलों को निजी वाहनों द्वारा तत्काल प्रभाव से सीएचसी कायमगंज भर्ती कराया। जहां चिकित्सक अमित कुमार ने आसिफ व रियाज़ मोहम्मद को मृत घोषित कर दिया। साथ ही गम्भीर रूप से घायल अनिल व दाबिर अली को प्राथमिक उपचार के बाद लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। पुलिस ने ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया है। सूचना पर क्षेत्राधिकारी संजय कुमार वर्मा, क्राइम इंस्पेक्टर राजेश कुमार भारी पुलिस बल साथ सीएचसी पहुंचे जहां घटना के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की साथ ही मृतकों के शवो का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
न्यायालय जा रहे थे फतेहगढ़
गम्भीर रूप से घायल दाबिर अली के पुत्र जुनैद ने बताया कि उसके पिता का न्यायालय से वारंट जारी हो गए थे जिस सिलसिले में वह फतेहगढ़ न्यायालय जा रहे थे। तभी सवितापुर पेट्रोलपंप के निकट साइड रोड से मोरम लदा ट्रैक्टर अचानक लिंक रोड पर आ गया। जिस कारण दोनों बाइके उससे टकरा गई।
मृतकों के परिवार में मचा कोहराम
मार्ग दुर्घटना में आसिफ व रियाज़ मोहम्मद की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। दोनों के परिजन ग्रामीणों के साथ सीएचसी कायमगंज पहुंचे जहां उनका रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। परिजनों ने बताया ग्राम बहबलपुर निवासी आसिफ पुत्र सलीम अविवाहित है उसकी तीन बहिनें हैं जिनमें दो की शादी हो चुकी है। वहीं रियाज मोहम्मद के एक डेढ़ वर्षीय पुत्र है जिसको नन्हेलला कहते हैं। पत्नी साहिबा है जो पति की मौत की सूचना पर बदहवास है।