जिंदा बेटी की हत्या में पिता ने तीन साल काटी जेल, दारोगा, सीबीसीआईडी निरीक्षक सहित पांच के खिलाफ एफआईआर के आदेश

0
129

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जीवित महिला की हत्या के आरोप में पुलिस नें ग्रामीण को जेल भेज दिया| जब कोर्ट को इस मामले की जानकारी हुई तो उसे दोष मुक्त कर दिया| वहीं कोर्ट नें अब आरोपी विवेचक (दारोगा), सीबीसीआईडी निरीक्षक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करनें के आदेश दिए है|
दरअसल बीते वर्ष  2016 को लाला राम पुत्र मुन्ना लाल निवासी देवसनी थाना मेरापुर में अपनी पुत्री सोनी के विवाह के लिए अपहरण कर लेनें के मामले में कोतवाली कायमगंज के मदारपुर निवासी ओंकार पुत्र रामसनेही, अजब सिंह पुत्र विष्णु दयाल निवासी निजाम पुर भोगांव मैनपुरी, संतोष पुत्र सुघर सिंह व संतोष की पत्नी संतोषा देवी निवासी देवसनी मेरापुर के खिलाफ 363 व 366 में मुकदमा दर्ज कराया था|  जिसकी विवेचना तत्कालीन विवेचक (दारोगा) मो0 आसिफ नें की थी| विवेचक मो0 आसिफ व इंस्पेक्टर सुनील कुमार नें आरोपियों से मिलकर अपहरण की गयी युवती के पिता लालाराम को ही उसकी बेटी हत्या करनें के मामले में जेल भेज दिया| लाला राम तीन वर्ष तक अपनी ही बेटी की हत्या में निर्दोष होते हुए भी तीन साल तक सलाखों के पीछे कैद रहा| बाद में उसकी बेटी नें जब कोर्ट व पुलिस अधीक्षक के सामने खुद को शपथ पत्र के माध्यम से जिन्दा साबित किया तो कोर्ट नें तीन साल बाद लाला राम को दोषमुक्त करते हुए रिहा कर दिया|  अब लालाराम नें सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट कार्यवाही करनें की गुहार लगायी| कोर्ट नें मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट नें विवेचक मो0 आसिफ व इंस्पेक्टर सुशील कुमार सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करनें के आदेश दिये|

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]