फर्रुखाबाद: गुरुवार की रात को अचानक जल स्तर बढ़ जाने से सैकड़ो बीघा फसल गंगा के पानी में डूब गई है| किसानो का कहना है कि एक सेंटर में तकरीवन 1050 कि लागत आती है| शमशाबाद से लेकर हजारो किसानो की फसल पानी में डूब गई है| गंगा की रेती में लोग लौकी,सीताफल, ककरी, खीरा,टमाटर,आदि सब्जियों की पैदावार की जाती है| इन फसलो से किसान साल भर के लिए कमाई कर लेता है|
माधौपुर के भी बहुत से किसान परेशान है| गंगा की तराई क्षेत्र में हर किसान केवल इसी प्रकार की फसलो की पैदावार करता इन लोगो के सेंटरों में पानी भर जाने से जो बीज डाला था वह गल जाएगा किसानो में शंकरलाल, नंदकिशोर, बीके यादव, जमील अहमद, हरिश्चंद्र, टक्कू, कमलेश, आदि किसान पानी बढ़ने से अपना अपना माथा ठोक रहे है|
किसानो का कहना है कियदि प्रशासन की तरफ से कोई भी मदद नही दी जाती है| जिससे जो भी नुकशान होता है| उसे हम लोगो को ही भरना पड़ता जिस कारण हम लोगो की कमर टूट जाती यह पहली वार नही हो रहा है| यह हर साल होता हम किसान फसल का बीज बोते बैसे ही गंगा का पानी बढ़ जाता है| और फसले डूब जाती गंगा की रेती में फसल करना बढ़ा मुस्किल है| रेती में फसल तैयार करने के लिए पूरा परिवार लगाना पड़ता है|



