खुलासा: फौजी बनने के लिये रची मोबाइल शॉप में चोरी की साजिश

0
142

फर्रुखाबाद: कोतवाली फ़तेहगढ़ के चौराहे पर स्थित मोबाइल शॉप में लाखो के मोबाइल व नकदी चोरी करने के पीछे मुख्य आरोपी की पैसे लेकर फ़ौज में नौकरी करने की तमन्ना थी| लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया| पुलिस ने चोरी गये मोबाइलों के साथ ही साथ आधा दर्जन चोरों को भी दबोच लिया| पुलिस आरोपियों के और अपराधिक मामले खंगालने में लगी है|

[adrotate banner="3"]

एसपी मोहित गुप्ता ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के धर्मनगरिया म्सेनी निवासी शिवम पाल उर्फ़ शुभम पुत्र जितेन्द्र सिंह फौजी की नौकरी करना चाहता था| लेकिन उसके पास पैसे की जुगाड़ नही हो पायी| जिसके चलते उसके दिमाग में यह योजना ने जन्म लिया| उसने अपने साथी अजीत सिंह पुत्र शम्भु पाल निवासी लोको कालोनी,विमलेश पुत्र श्याम चरण यादव पतौजा जहानगंज व सचिन कुमार वाथम पुत्र महेश चन्द्र निवासी हाथीखाना के साथ मिलकर योजना बना डाली|

शिवम् ने मोबाइल शॉप में चोरी करने का प्लान तैयार किया| उसने चोरी किये गये मोबाइलों को आगरा में बेंचने की तैयारी की| जिसके चलते उसने आगरा के साहगंज भोगीपुरा निवासी अभिषेक वर्मा पुत्र हुकुम सिंह, सोनू उर्फ़ सोमवीर सिंह पुत्र शक्ति सिंह निवासी छबिसवा फतेहाबाद आगरा को भी योजना में शमिल कर लिया| और उसके बाद फतेहगढ़ चौराहे पर पीएनबी शाखा के सामने रोमिल-सोमिल मोबाइल शॉप में में चोरी करने का प्लान बनाया| चोरी करने के लिये बरसात का समय तय किया गया| एसपी ने बताया की बरसात होने से पुलिस आगे पीछे हो जाती है| जिसका फायदा उठाकर उन्होंने साथ लाये कटर से ताले काटे और अंदर प्रवेश किया| उसके बाद अधिक कीमत वाले मोबाइल ही आरोपियों ने चोरी किये और बस से सभी मोबाइल लेकर आगरा चले गये| बाद में वह शहर में कोई अन्य घटना को अंजाम देने की तैयारी में जेएनवी रोड से आ रहे थे| सभी आधा दर्जन अपराधियों को स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया| उनके पास से 168 मोबाइल, 34700 हजार रूपये, 5 बैंकिंग कार्ड, 4 तमंचे, 2 खोखा कारतूस व तीन बाइक आदि सामान बरामद हुआ|

[adrotate banner="2"]