कन्हैया को जमानत देते वक्त जज ने पढ़ाया ये पाठ

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Delhihighcourtनई दिल्ली:जेएनयू में देशद्रोही नारे के आरोप में 12 फरवरी को गिरफ्तार किए गए छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया को आज रिहाई मिल जाएगी। कन्हैया को कल दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। कोर्ट ने उसे 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है। दिल्ली हाईकोर्ट की जज प्रतिभा रानी ने कन्हैया कुमार को अंतरिम जमानत देते वक्त देशभक्ति और जेएनयू को लेकर बेहद संजीदा टिप्पणी की।

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जेएनयू में देशद्रोही नारे के आरोप में 12 फरवरी को गिरफ्तार किए गए छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया को आज रिहाई मिल जाएगी। कन्हैया कुमार को अंतरिम जमानत देते वक्त देशभक्ति और जेएनयू को लेकर बेहद संजीदा टिप्पणी की।रंग हरा हरी सिंह नलवे से,रंग लाल है लाल बहादुर से,रंग बना बसंती भगत सिंह,रंग अमर का वीर जवाहर सेमेरे देश की धरती सोना उगले-उगले हीरे मोती, मेरे देश की धरती, इंदीवर का लिखा उपकार फिल्म का ये देशभक्ति गीत अलग-अलग रंगों और देश के प्रति प्रेम को दर्शाता है। इस बसंत में शांति का ये रंग जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से खत्म हो रहा है। इसका जवाब वहां के छात्रों, शिक्षकों और जेएनयू का कार्यभार संभालने वाले लोगों को देना पड़ेगा। ये लोग सुरक्षित वातावरण में इसलिए हैं क्योंकि युद्ध के मैदान में हमारे जवान सबसे उंचे स्थान पर जहां ऑक्सीजन भी कम है, वहां पहरेदारी कर रहे हैं।
जो लोग इस तरह के देश विरोधी नारे लगा रहे हैं वो उस ऊंचाई पर घंटे भर भी नहीं रह सकते। ये नारे शहीदों के परिवारों का मनोबल तोड़ने वाला है। वो शहीद जो ताबूत में तिरंगे में लिपटे अपने घर पहुंचते हैं। जो छात्र फोटोग्राफ में नारे लगाते दिख रहे हैं उन्हें आत्ममंथन की जरूरत है। जेएनयू को चाहिए कि वो अपने छात्रों को सही रास्ते पर लाए ताकि वो देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें और जिस मकसद से जेएनयू का निर्माण किया गया था उस मकसद को पूरा कर सकें। इस तरह के नारों को मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता।

जज ने कहा कि छात्रों में एक तरह का इंफेक्शन फैल रहा है, इसे बीमारी बनने से पहले रोकना होगा। इस तरह के इंफेक्शन के फैलने पर उसे रोकने के लिए एंटी बायोटिक का प्रयोग किया जाता है। उसके बाद भी इंफेक्शन कंट्रोल नहीं होता तो दूसरे चरण का इलाज शुरू होता है। ऐसे में कई बार ऑपरेशन की जरूरत होती है। न्यायिक हिरासत के दौरान याचिकाकर्ता यानि कन्हैया कुमार ने उस घटना के बारे में सोचा होगा कि आखिर ऐसी घटना हुई क्यों।

बता दें कि जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को कन्हैया को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। कन्हैया के परिजनों के साथ साथ तमाम नेताओं ने भी हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।

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