ईओडब्ल्यू की जांच का दायरा बढ़ा: सलमान खुर्शीद के ट्रस्‍ट के शतप्रतिशत लाभार्थियों का होगा सत्‍यापन

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आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्‍ट ‘डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट’ पर नि:शक्तों को उपकरण देने के नाम पर अनियमितता किए जाने के मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच को अब पांच सेक्टरों में बांट दिया गया है और दस से अधिक टीमों को इस काम में लगाया गया है।  ईओडब्ल्यू मुख्यालय की भी एक टीम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

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अभी तक मेरठ और कानपुर के एसपी ईओडब्ल्यू के नेतृत्व में पांच टीमें चार सेक्टरों की जांच कर रही थीं। अब लखनऊ, वाराणसी, मुख्यालय और इलाहाबाद सेक्टर की भी जांच शुरू हो गई है। इलाहाबाद की जांच लखनऊ स्थित ईओडब्ल्यू मुख्यालय से कराई जा रही है। जांच में तेजी लाने के लिए पड़ताल में लगी टीमों को अपने रोज के काम की रिपोर्ट बनाने को कहा गया है। जो दस्तावेज हासिल हो गए हैं, उनका परीक्षण किया जा रहा है और जहां से इन्हें अभी हासिल नहीं किया जा सका है, वहां विकलांग कल्याण और समाज कल्याण अधिकारियों से इसे जल्द मुहैया कराने को कहा जा रहा है। साथ ही ईओडब्ल्यू ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज करने भी शुरू कर दिए हैं।

अगले चरण में जांच एजेंसी लाभार्थियों का सत्यापन कर उनके बयान दर्ज करेगी। इस बात की तस्दीक की जाएगी कि उपकरण हासिल करने वाले जिस व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज है, वह वास्तविकता में नि:शक्त है या नहीं। अगर वह पात्र है तो उसे लाभ मिला या नहीं। लाभार्थी के बयान के साथ इस सारी कवायद की रिपोर्ट बना कर मुख्यालय को भेजी जानी है। ईओडब्ल्यू के अधिकारी इस मामले की जांच से शासन को लगातार अवगत करा रहे हैं।

उधर, बागपत की जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. रश्मि बुधवार को बुलंदशहर के जिला विकलांग कल्याण अधिकारी ऑफिस पहुंच गई। डॉ. रश्मि ने फोन पर बताया कि बुलंदशहर में नि:शक्तों को उपकरण वितरण करने के लिए लगाए गए कैंपों के बारे में जिला विकलांग कल्याण विभाग को पहले से नहीं बताया गया था। बाद में लाभार्थियों की सूची मुहैया कराई गई। इस पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि उनके फर्जी दस्तखत बनाए गए। उन्होंने इस बारे में शासन को पहले भी अवगत करा दिया था।

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