लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के निर्वाचन क्षेत्र इटावा में बिजली का बिल भरना अपमान समझा जाता है।
पूरे प्रदेश में जहां घोर बिजली का संकट हैं, वहीं इटावा में चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली दी जाती है। सरकारी सूत्रों की मानें तो जिले में 72 फीसदी लोग तो बिजली का बिल भरते ही नहीं हैं। खुद मुलायम सिंह का आदेश है कि उनके गृहनगर में दी जाने वाली बिजली के वितरण में लाइन-लॉस को निम्न रखा जाए।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण कंपनी के सूत्रों की मानें तों इटावा जिले से बिजली बिल के रूप में सबसे कम राशि प्राप्त होती है। यहां औसतन हर चार में से एक ही घर से बिजली का बिल जमा किया जाता है। प्रदेश के अन्य जिलों के हालात भी अच्छे नहीं कहे जा सकते हैं। बिजली वितरण कंपनियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूबे के लगभग हर जिले में 35 से 50 प्रतिशत तक बिजली चोरी की जाती है।
जब सैंया हैं कोतवाल
इटावा के हालात कुछ तरह हैं कि यहां के 79 फीसदी बिजली उपभोक्ता अपना बिल नहीं भरते हैं और जिले को दी जाने वाली बिजली का 59 फीसदी हिस्सा चोरी के कनेक्शन वाले उपयोग कर लेते हैं।
वहीं राज्य शासन के आदेश के तहत जिले को वीआईपी दर्जा हासिल है, इसलिए यहां किसी भी हाल में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति बनाए रखना भी जरूरी है।
आबादी से कम बिजली कनेक्शन
बिजली वितरण कंपनी के मुताबिक जिले की आबादी 4 लाख से ज्यादा है लेकिन यहां बिजली के वैध कनेक्शन केवल 1.1 लाख घरों में ही हैं।
इटावा का बिजली गणित समझो तो जानें
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