फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सातनपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी में किसानों के साथ हो रही कथित लूट-खसोट को लेकर भाकियू (टिकैत) ने जिलाधिकारी से शिकायत की। जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मंडी में हो रही अनियमितताओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने एक पेन ड्राइव भी सौंपी, जिसमें सौ से अधिक वीडियो होने का दावा किया गया है। इनमें कथित रूप से “अंगौछे के अंदर” आलू की बिक्री और नियमों के उल्लंघन के दृश्य बताए गए हैं। अजय कटियार
ने आरोप लगाया कि मंडी में खुलेआम आढ़ती और व्यापारी मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं, जबकि नियम के अनुसार फसल की बिक्री खुली बोली से होनी चाहिए।
उन्होंने तौल में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। कहा कि 50 किलो के बजाय 47-48 किलो पर सादा पर्चा बना दिया जाता है, जबकि पक्की फसल पर 49 किलो की तौल होनी चाहिए। साथ ही किसानों को 6R का
पक्का पर्चा नहीं दिया जाता, जिससे वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। पूर्व में मंडी प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मंडी सभापति व नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि अगले दिन से आलू की बिक्री केवल खुली बोली से कराई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले आढ़तियों के लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई। नगर मजिस्ट्रेट ने मंडी सचिव को सख्ती से आदेश लागू कराने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में लक्ष्मी शंकर जोशी, गोपी शाक्य और अनुज राजपूत भी शामिल रहे। जानकारी जिला महासचिव अभय यादव ने दी।
आलू मंडी में किसानों की लूट पर भाकियू टिकैत का हल्ला, डीएम से शिकायत के बाद खुली बोली के आदेश




