आरक्षण में ‘दादागिरी’ भी नही चली!

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) निकायों के अध्यक्ष पद के आरक्षण की सूची जारी होने से तमाम उम्मीदवारों की उम्मीद का मटका फूट गया। आरक्षण से उन्हें धक्का लगा है। प्रचार प्रसार पर खर्च धनराशि बेकार हो गया। फिलहाल निकाय चुनाव के आरक्षण के बाद अब नये दावेदार चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन दिग्गज दाबेदारों की ‘दादीगिरी’ निकाय चुनाव के आरक्षण में धरी रह गयी| दरअसल निकाय चुनाव में चेयरमैंन पद के लिये कई बड़े चेहरे अपना पसीना लगातार वहा रहे थे| घर-घर जाकर अपने समर्थन में मतदाता की आवभगत में लगे रहे| समर्थकों को ‘दादागिरी’ पर पूरा भरोसा था कि दादागिरी कुछ ना कुछ तो गुल खिलायेगी| प्रचार इस कदर की फीता काटनें में उनका नाम सबसे ऊपर की सूची में लेकिन आरक्षण आनें से यह सम्भव ना हो सका और दादा गिरी धरी की धरी रह गयी| सोने-चांदी वाले भईया के साथ पंडित जी भी इस समय अपना कामकाज छोड़कर पालिका का जीर्णोद्धार करनें के लिये जीतोड़ मेहनत कर रहे थे | मोहल्ले-मोहल्ले सफाई करा रहे थे| बैनर-पोस्टर लगा रहे थे उनका भी क्या होगा? आरक्षण ने अनेकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। 

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