सम्पत्ति हड़पने के चक्कर में पुत्र ने ही की थी छपाई कारीगर की हत्या

फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी असरफ अली निवासी ६५ वर्षीय वृद्ध राजेन्द्र सिंह शाक्य की बीते २७ नवम्बर की रात घर के अंदर  गला दबाकर ह्त्या कर दी गई थी।

 

हत्या के पीछे किसी पर शक न होने की बजह से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। बताते चलें कि राजेन्द्र सिंह शाक्य कम्प्यूटर डिजाइनिंग का काम करवाता था। जिसमें उसकी मदद उसका बड़ा बेटा अनूप व हत्या में अभियुक्त बना छोटा बेटा नितिन करता था। अनूप का छोटा भाई दीपक जो कि पागल है व एक भाई मनोज खेती बाड़ी का काम करता है।

राजेन्द्र शाक्य के पास साढ़े पांच बीघा जमीन थी जिसमें से ढाई बीघा जमीन की प्लाटिंग हो चुकी है लेकिन राजेन्द्र सिंह शाक्य पैसे को बड़े ही पकड़कर रख रहे थे। यह बात उसके पुत्रों को गवारा नहीं थी।

थानाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव ने बताया कि नितिन अपने पिता राजेन्द्र सिंह शाक्य सम्पत्ति को लेकर मारपीट करता रहता था जिसका उल्लेख उन्होंने एक डायरी में किया है जो उनके कब्जे में है। अभियुक्त नितिन ने भी यह बात कबूल की कि २७ नवम्बर की रात को नितिन शादी समारोह से वापस लौटा तो उसके मोबाइल की बैट्री डाउन हो गयी थी। जिसको चार्ज करने के लिए चार्जर लेने वह पिता के कमरे में पहुंच गया। कमरे में पहुंचने से पहले उसने मैन गेट का दरबाजा खटखटाया तो राजेन्द्र शाक्य ने दरबाजा नहीं खोला तो दोनो लोगों में गाली गलौज होने लगी। गाली गलौज के बाद मामला मारपीट पर आ गया।नितिन ने अपने वृद्व पिता को जोर से धक्का दिया जिससे उसका मुह कमरे की दीवार में टकरा गया व नाक से खून निकलने लगा। जिसके बाद नितिन ने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। राजेन्द्र शाक्य के खून से सने कपड़े निकालकर जला दिये। सभी सामान कायदे से रखकर अपने कमरे में सो गया। सुबह जब राजेन्द्र शाक्य ने अपने कमरे का दरबाजा नहीं खोला तो परिवार वाले इकट्ठे हुए।

गले पर निशान देखकर पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो नितिन ने मना कर दिया फिर भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी रही व बीती रात पुलिस ने नितिन को गिरफ्तार कर लिया व हत्या का खुलासा किया।