फर्रुखाबाद :बीते तीन मार्च 2014 को नीव करोरी मंदिर के पूर्व महंत सुशील दुवे तिहरे हत्या कांड में दोष सिद्ध होने के बाद इन दिनों केन्द्रीय कारागार में सजा काट रहे है | उनके साथ उनके तीन अन्य जितेंद्र उर्फ अनूप, जितेंद्र व शिवकुमार उर्फ लला,अनूप कुमार मिश्रा भी कारागार में बंद है | वही महंत को जेल मैनुअल के दायरे में नही रखा गया है | बल्कि ऊँची पंहुच बाले पूर्व महंत के लिए जेल अधिकारी खुद ही सभी लग्जरी सुविधाये उपलब्ध करा रहे है |
दरअसल पूर्व महंत को जेल की बैरक में ना रख कर उन्हें अलग एक कमरा दिया गया है | कमरे के अन्दर सभी जरुरी चीजे पूर्व महंत सुशील के लिए उपलब्ध करा दी गयी है | सूत्रों के अनुसार जेल अधीक्षक खुद महंत के शरण में है | और पूर्व में उनके चेले भी रहे है | महंत की मुलाकात के लिए भी उनके भक्तो को अन्य मुलाकातियो से अलग व्यवस्था की गयी है | मजे की बात यह है की जेल के अन्दर इस से पहले कितनी ही बार छापा मारा जा चूका है लेकिन अधिकारियो की नजर इस पर नही पड़ती या जानबुझ कर अनजान बना जा रहा है | महंत को जेल मैन्युअल के अनुसार कैदियों के कपडे मिलाने चाहिए थे | लेकिन अधिकारियो के रहमोकरम के चलते बाबा सुशील को यह भी छुट मिली हुई है | और वह गेरुआ कपडे ही पहनते है |
बीते तीन मार्च 2014 को 16 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में बाबा नीबकरोरी मंदिर फर्रुखाबाद के मुख्य महंत सुशील दास सहित 3 लोगो को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव सिंह यादव की अदालत ने आजीवन कारावास और 50-50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी न्यायाधीश ने अभियुक्तों पर पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना लगाकर अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद का आदेश भी दिये थे |
जेल अधीक्षक याद्वेंदर शुक्ला ने बताया की उन्हें हाई सुरक्षा बैरक में रखा गया है | यह बात उन्होंने दवी जवान से मानी की वह कपडे अपने ही पहनते है |बल्कि दोनों ही तरह के कपडे पहन रहे है | उन्होंने किसी भी प्रकार की अलग से सुबिधा दिये जाने से इंकार किया है |


