महाकुंभनगर:प्रदेश में आयोजित दिव्य और भव्य महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा महाप्लान बनाया गया है।मौनी अमावस्या महाकुम्भ का सबसे प्रमुख पर्व है। श्रद्धालुओं,स्नानार्थियों की निगरानी जल,थल और नभ से की जाएगीताकि कोई असहज स्थिति उत्पन्न ना हो सके। और आए किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की कोई समस्या का समाधान ना करना पड़े जिसको लेकर संगम तट को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।


मौनी अमावस्या पर देश-विदेश से करीब 10 करोड़ स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने का अनुमान है। इसी के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा खाका तैयार किया है|संगम नगरी में देश-विदेश से आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा के साथ ही उनकी सेवा और सहायता भी की जाएगी। ताकि वह अपने साथ बेहतर अनुभव लेकर सुरक्षित घर वापस पहुंच सकें। इसके लिए सभी सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग भी कराई गई है।जनपद महाकुम्भ नगर में सुरक्षा व्यवस्था को 37 हजार पुलिसकर्मी और 50 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और 14 हजार से अधिक होमगार्ड तैनात किए गए है|
10 जोन,25 सेक्टर, 56 थाने व 155 चौकियों में मेले को विभाजित किया गया है|श्रद्धालुओ की सहायता के लिए 90 प्रशिक्षित गोताखोर और जल पुलिस,बाढ़ राहत पीएसी के जवानो की भी तैनाती की गई है|पहली बार वाटर ड्रोन कैमरे का भी प्रयोग किया जायेगा|महाकुंभ में 130 घोड़े और 166 पुलिस कर्मी व अन्य कर्मियों की तैनाती की गई है|

पुलिस के स्नाइनर भी रहेगे तैनात
महाकुंभ में विदेशों से तमाम प्रतिनिधि भी आएंगे। पर्यटकों के साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किया गया है। मेला क्षेत्र में स्नाइपर अचूक निशानेबाज की तैनाती होगी। पुलिसकर्मी भी सेमी आटोमेटिक ग्लाक पिस्टल से लैस हैं। मेला क्षेत्र में बुलेट प्रूफ आउट पोस्ट बनाई गई ताकि विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा मजबूत रहे|
पहली बार महाकुंभ में टीथर ड्रोन का उपयोग होगा। यह ड्रोन आसमान में करीब आठ घंटे तक उचित ऊंचाई पर रहकत और पूरा डाटा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराता है। फुटेज देखकर और डाटा का विश्लेषण करके पुलिस अधिकारी व्यवस्था को मजबूत बना रहे है|


