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वार्डो में सपा ने बीजेपी को दी जोरदार पटखनीवार्डो में सपा ने बीजेपी को दी जोरदार पटखनी फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) निकाय चुनाव में सपा दो व बीजेपी ने तीन सीटे अध्यक्ष पद के लिये जीती हो| लेकिन वार्डो के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बीजेपी से दो गुने जीते| समाजवादी पार्टी ने कुल 23 वार्डो में अपने प्रत्याशी लड़ाये थे| जिसमे से उनके 9 प्रत्याशी पार्टी सिम्बल...

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प्रधान पति को चाचा ने गोली मार मौत के घाट उताराप्रधान पति को चाचा ने गोली मार मौत के घाट उतारा फर्रुखाबाद:(राजेपुर)भूमि विवाद के साथ ही साथ चुनावी रंजिश में सगे चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा दिया| पुलिस ने मौके पर जाकर जाच पड़ताल| थाना अमृतपुर के ग्राम करनपुर दत्त में सौरभ उर्फ़ अप्पा की पत्नी कीर्ति वर्तमान में ग्राम प्रधान है| उनकी परिवार में भूमि विवाद के साथ...

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राममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमतराममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमत फर्रुखाबाद: समाजवादी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव गुरुवार को यूपी के सीमें योगी आदित्य नाथ के राममंदिर पर दिये गये वयान से सहमत दिखे| उन्होंने कहा की यदि समझौता नही तो कोर्ट का आदेश ही विकल्प है| समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता...

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हाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिलाहाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिला फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद) सत्ता की शक्ति से कौन अंजान है और खास कर वो तो बिल्कुल भी नही जो सत्ता का सुख एक लम्बे समय तक ले चुका हो| लेकिन कुर्सी पर ना रहने के बाद नेता को सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है| यही नजारा देखने को मिला जब शिवपाल सिंह का काफिला लगभग 20 मिनट तक जाम की झाम में...

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बसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थनबसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थन फर्रूखाबाद: नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिये बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी वत्सला अग्रवाल को महान दल ने अपना समर्थन दे तेजी से चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है |जिससे वत्सला के खेमे में मजबूती आ गयी है| महान दल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रेलवे रोड स्थित बसपा प्रत्याशी के चुनाव...

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युवा महोत्सव में कैटवाक करेगी बीहड़ की सुन्दरी

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Posted on : 08-12-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: आगामी युवा महोत्सव जनपद में 18 जनवरी को आयोजित होने की तैयारी चल रही है| कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये आयोजक पूरी ताकत से लगे है| इसके साथ ही साथ बिहाड़ की सुन्दरी के महोत्सव में कैटवॉक करने के भी चर्चे तेज है|

एक जमाने में दस्यु डकैत रही फूलन देवी उरई के बीहड़ो में आतंक का पर्याय रही| लेकिन अब उरई के बीहड़ो से अब डकैत नही बल्कि सुन्दरी युवा महोत्सव में प्रतिभाग करने के लिये चयनित की गयी है| आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ० संदीप शर्मा ने बताया कि 14 वें युवा महोत्सव के लिये आवेदन मांगे जा रहे है| अभी तक कुल 246 युवती व युवको ने अपने आवेदन किये है| जिसमे से अभी 30 प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिये चयनित किया गया है|

उन्होंने बताया की इसके साथ ही साथ मिसयूपी प्रतियोगिता के लिये बीहड़ का जिला उरई से स्वेता राठौर को भी चयनित किया गया है| प्रतियोगिता में कानपुर,लखनऊ,आगरा,बहराइच,गोरखपुर,आजमगढ़,मोदीनगर,मुजफ्फरनगर,बरेली,इलाहाबाद,गाजियाबाद से भी प्रतियोगी हिस्सा लेने के लिये 18 जनवरी को आयोजित होने वाले युवा महोत्सव में हिस्सा लेंगे|

व्हॉट्सएप में ग्रुप एडमिन को मिली ये बड़ी पावर

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Posted on : 03-12-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, राष्ट्रीय

नई दिल्ली:व्हॉट्सएप पर ग्रुप एडमिन के पास ग्रुप में किसी को जोड़ने या हटाने का अधिकार तो था ही, लेकिन अब उसे एक नया अधिकार और मिलने वाला है। एडमिन अब इच्छानुसार अन्य सदस्यों पर ग्रुप में मैसेज, फोटोग्राफ, वीडियो, जीआईएफ, डॉक्यूमेंट्स और वॉइस मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा सकता है। जी हां, व्हॉट्सएप ग्रुप एडमिन के अधिकार बढ़ाने जा रहा है।

दरअसल, व्हॉट्सएप पर एक नए फीचर की टेस्टिंग चल रही है। इसका नाम है ‘रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप’। यह फीचर व्हॉट्सएप ग्रुप के फीचर को पूरी तरह बदल देगा। खबर की मानें, तो ‘रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप’ फीचर की सैटिंग आईओएस और एंड्रॉयड दोनों के लिए 2.17.430 वर्जन पर की जा रही है। खास बात यह है कि रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप सैटिंग सिर्फ ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स के द्वारा ही एक्टिवेट की जा सकेगी। अन्य सदस्यों को प्रतिबंधित करने के बाद भी ग्रुप एडमिन खुद मीडिया शेयरिंग और चैटिंग जारी रख सकता है।

इस फीचर के जरिए जिन सदस्यों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, वह बाद में सिर्फ मैसेज पढ़ ही सकेंगे, उसका जवाब नहीं दे सकेंगे। कोई भी मैसेज पोस्ट करने या मीडिया शेयरिंग के लिए उन्हें ‘मैसेज एडमिन’ बटन का इस्तेमाल करना होगा। ग्रुप पर जाने से पहले इस मैसेज को एडिमन से एप्रूव कराने की जरूरत पड़ेगी। यह भी पाया गया है कि एडमिन किसी भी सदस्य पर 72 घंटों तक के लिए प्रतिबंध लगा सकता है। हालांकि, समय की यह लिमिट इस फीचर के आने के बाद बदली भी जा सकती है।

कई बार ग्रुप में एडमिन कोई जरूरी जानकारी देता है, तो बाकी सदस्यों के लगातार कमेंट्स आने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में एडमिन की बात पर लोग ज्यादा गौर नहीं कर पाते। जरूरी सूचना के वक्त अन्य लोगों के कमेंट बंद किए जा सकें, इसलिए यह फीचर पेश किया जा रहा है।

गम की विदाई, अब बजेगी शादी की शहनाई

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Posted on : 29-11-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद: ईद-ए-जहरा के साथ शिया समुदाय में खुशियां लौट आई हैं। शादी-विवाह का दौर शुरू होने को है। सात दिसंबर से सहालग शुरू हो जाएगी, जो रमजान तक रहेगी। चंद दिनों में शादी को लेकर घरों में रौनक बढ़ जाएगी। सहालग को लेकर पहले से ही मैरिज हॉल की बुकिंग करा ली गई थी। इसलिए शहर के अधिकांश मैरिज हॉल फुल हो चुके हैं।

सवा दो महीने गम मनाने के बाद इस्लामिक माह रबीउल अव्वल की नौ तारीख से घरों में खुशियां बिखर गई। 17 रबीउल अव्वल (सात दिसंबर) को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश से शिया समुदाय में सहालग का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सात दिसंबर को सबसे ज्यादा शादियां होंगी। मुहर्रम से पहले जिन घरों में शादियां तय हो चुकी हैं, वहां जल्द ही शहनाई सुनाई देगी। शिया समुदाय में शादियों का जश्न शाबान तक जारी रहेगा।

बस शहादत की तारीखों में शादियां नहीं होंगी, बाकी सभी दिन सहालग तेज रहेगी। सबसे अधिक शादियां रजब व शाबान माह में होंगी। मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि मुहर्रम के बाद शादी-विवाह, शहनाई व अकीके का सिलसिला तेज हो जाएगा, जो रमजान तक जारी रहेगा। इमाम व अहलेबैत की शहादत की तारीखों पर शादियां नहीं होंगी। सहालग में 17 रबीउल अव्वल, 13 रजब व तीन शाबान की तारीखों में सबसे अधिक शादियां होती हैं।

शिया समुदाय ने मनाई खुशियां
शिया समुदाय ने बुधवार को ईद-ए-जहरा का त्योहार मनाया। कर्बला के शहीदों के गम में सवा दो महीने आंसू बहाने के बाद लोगों ने खुशियां मनाई। समुदाय के लोगों खासकर महिलाओं ने खुशरंग लिबास पहने और श्रृंगार किया। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर नज्र चखी। मेहमान नवाजा का सिलसिला जारी रहा।

मोबाइल नंबर भी होने लगे चोरी

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Posted on : 15-11-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, सामाजिक

लखनऊ : अगर आप वीआइपी मोबाइल नंबर का उपयोग कर रहे हैं तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अब फोन नंबर भी चोरी हो रहे हैं। सिम लगा मोबाइल आपके हाथ में होगा, लेकिन अचानक फोन आने बंद हो जाएंगे। उक्त नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को जारी कर दिया जाएगा और आपको आने वाली कॉल अब कोई दूसरा रिसीव कर रहा होगा।
अभी हाल ही में विशेष सचिव पीडब्ल्यूडी राजशेखर के वीआइपी मोबाइल नंबर को धोखे से पोर्ट कराने का प्रयास किया गया था। इस मामले में वरिष्ठ आइएएस ने हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई थी। मांडा इलाहाबाद निवासी विनय कुमार ने राजशेखर के वीआइपी नंबर का गलत ढंग से पोर्टिग मोड जनरेट कर आइडिया नंबर पर पोर्ट करने के लिए रिक्वेस्ट डाली थी। हालांकि समय रहते उन्हें इसकी जानकारी हो गई थी। मामले की जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। हालांकि अभी तक आरोपित पकड़े नहीं जा सके हैं। पुलिस को गिरोह के बारे में कोई जानकारी मिलती, इससे पहले ही ठगों ने अलीगंज निवासी एक पत्रकार का वीआइपी नंबर चोरी कर लिया। पत्रकार ने अपना नंबर रिलायंस से दूसरे टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट कराने के लिए रिक्वेस्ट डाली थी। इससे पहले कि उक्त नंबर पोर्ट होता, जालसाजों ने उसे निजी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट कराकर इलाहाबाद में ही बेच दिया। बुधवार को जब पीड़ित पत्रकार से मिले उनके परिचितों ने उन पर कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाया तो उन्होंने छानबीन की। पड़ताल मे पता चला कि मोबाइल में सिम तो लगा है, लेकिन फोन कोई और व्यक्ति उठा रहा है। पूछताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने मोबाइल नंबर कीमती रकम में खरीदने की बात कही।
लाखों में बेचते हैं नंबर
लोगों में वीआइपी मोबाइल नंबर के उपयोग का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में ठग ज्यादातर वीआइपी नंबरों को पोर्ट कराकर बेच दे रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि जिन मोबाइल नंबरों के अंतिम सात अथवा छह नंबर एक ही अंक के हों, उन्हें लोग खरीदना चाहते हैं। ठग निजी टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उसे धोखे से पोर्ट कराने के बाद दो से तीन लाख रुपये में बेच देते हैं।

कूड़े के ढेर में भविष्य तलाश रहे नैनिहाल

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Posted on : 14-11-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, Politics

फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला) सरकार ने सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बच्चों को घरेलू बाल मजदूर के रूप में काम पर लगाने के विरुद्ध एक निषेधाज्ञा भी जारी की पर दुर्भाग्य से सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, नेतागण व बुद्धिजीवी समाज के लोग ही इन कानूनों का मखौल उड़ा रहे हैं। नतीजन जिले में सैकड़ो मासूमो का बचपन कूड़े के ढेर पर दम तोड़ रहा है|

यह सभी जानते है कि अधिकतर स्वयंसेवी संस्थाएँ या पुलिस खतरनाक उद्योगों में कार्य कर रहे बच्चों को मुक्त तो करा लेती हैं पर उसके बाद उनकी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती हैं। नतीजन, ऐसे बच्चे किसी रोजगार या उचित पुनर्वास के अभाव में पुनः उसी दलदल में या अपराधियों की शरण में जाने को मजबूर होते हैं। ऐसा नहीं है कि बच्चों के लिये संविधान में विशिष्ट उपबन्ध नहीं हैं।लेकिन उसके बाद भी जगह-जगह आप को बचपन को कूड़े के ढेर पर अपना भविष्य तलाशते देखा जा सकता है| जिले में कानून केबल किताबो तक ही सिमित है|

इतने संवैधानिक उपबन्धों, नियमों-कानूनों, संधियों और आयोगों के बावजूद यदि बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है, तो कहीं न कहीं इसके लिये समाज भी दोषी है। कोई भी कानून स्थिति सुधारने का दावा नहीं कर सकता, वह मात्र एक राह दिखाता है। जरूरत है कि बच्चों को पूरा पारिवारिक-सामाजिक-नैतिक समर्थन दिया जाए ,ताकि वे राष्ट्र की नींव मजबूत बनाने में अपना योगदान कर सकें।

पर मूल प्रश्न यह है कि इतने संवैधानिक उपबन्धों, नियमों-कानूनों, संधियों और आयोगों के बावजूद यदि बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है, तो समाज भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। कोई भी कानून स्थिति सुधारने का दावा नहीं कर सकता, वह तो मात्र एक राह दिखाता है। जरूरत है कि बच्चों को पूरा पारिवारिक-सामाजिक-नैतिक समर्थन दिया जाये, ताकि वे राष्ट्र की नींव मजबूत बनाने में अपना योगदान कर सकें। जरूरत है कि बालश्रम और बाल उत्पीड़न की स्थिति से राष्ट्र को उबारा जाये। ये बच्चे भले ही आज वोट बैंक नहीं हैं पर आने वाले कल के नेतृत्वकर्ता हैं।

उन अभिभावकों को जो कि तात्कालिक लालच में आकर अपने बच्चों को बालश्रम में झोंक देते हैं, भी इस सम्बन्ध में समझदारी का निर्वाह करना पड़ेगा कि बच्चों को शिक्षा रूपी उनके मूलाधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिये। गैर सरकारी संगठनों और सरकारी मशीनरी को भी मात्र कागजी खानापूर्ति या मीडिया की निगाह में आने के लिये अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करना चाहिये वल्कि उनका उद्देश्य इनकी वास्तविक स्वतन्त्रता सुनिश्चित करना होना चाहिये।

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