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जेएनआई विशेष: कुम्भ में बढ़ी फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल के भगवा झोलों की डिमांडजेएनआई विशेष: कुम्भ में बढ़ी फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल के भगवा झोलों... फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला)सेन्ट्रल जेल फतेहगढ़ में बनने वाले झोले आदि सामान तो वैसे भी मजबूती के मामले में बेजोड़ माना जाता है| लेकिन आम जनमानस में इसकी खरीददारी को लेकर साधन उपलब्ध नही है| लेकिन इसके बाद भी उसको खरीदने की चाहत लोगों के जगन में रहती है| अब कारोबार कम है लेकिन...

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महिलाओं का प्रतिशत कम देख नोडल अधिकारी खफामहिलाओं का प्रतिशत कम देख नोडल अधिकारी खफा फर्रुखाबाद: अपने निरीक्षण में महिलाओं की संख्या गाँव के पुरूषों से काफी कम देख नोडल अधिकारी खफा हो गये| उन्होंने कहा की सरकार बेटी-बचाओं और बेटी पढाओ पर अपना पूरा जोर दे रही है| लेकिन इस गाँव में पुरुष वर्ग की अपेक्षा महिलाओं का प्रतिशत चिंता का विषय है| उन्होंने अधिकारियों...

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कोटेदारों का खाद्यान्न उठाने से साफ़ इंकारकोटेदारों का खाद्यान्न उठाने से साफ़ इंकार फर्रुखाबाद:अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे जिले के कोटेदारों ने अब राशन उठान ने मना कर आन्दोलन की राह पकड़ ली है| जिसके चलते कोतेदारों ने साफ़ कह दिया की जब तक उनकी मांगो पर विचार नही होगा तब तक वह राशन नही उठायेंगे| नगर के ग्राम चाँदपुर में आयोजित हुई उचितदर विक्रेताओं...

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छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण को 78.5 करोड़ की मंजूरीछुट्टा गोवंश के भरण-पोषण को 78.5 करोड़ की मंजूरी लखनऊ:छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए चरागाह की जमीनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए ग्राम सभा की भूमि प्रबंधक समिति किसी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) या कॉरपोरेट घराने से अनुबंध कर सकती है। वहीं पशु आश्रय स्थलों की स्थापना चरागाह की जमीन से हटकर अनारक्षित श्रेणी की भूमि...

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सामूहिक बलात्कार के बाद तीन दरिंदों ने उतारा था गोल्डी को मौत के घाटसामूहिक बलात्कार के बाद तीन दरिंदों ने उतारा था गोल्डी को... फर्रुखाबाद:(अमृतपुर)बीते दिन खेत में दुष्कर्म के बाद हत्या किये जाने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी| घटना के बाद से एसपी ने क्षेत्र में डेरा जमा लिया था| 24 घंटे के भीतर घटना करने के आरोपियों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया| जबकि एक फरार आरोपी पर ईनाम भी रखा...

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खास खबर:यह शख्स रोज करता परिंदों की मेहमान नवाजीखास खबर:यह शख्स रोज करता परिंदों की मेहमान नवाजी फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)ऋषि-मुनि, संत-महात्मा सही कह गए हैं कि पशु-पक्षियों को दाना-पानी खिलाने से मनुष्य के ज‍ीवन में आने वाली कई परेशानियों से छुटकारा बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। एक ओर ईश्वर की भक्ति के कृपा पात्र बनते हैं वहीं हमें अच्छे स्वास्थ्य के साथ ही पुण्य-लाभ...

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मिक्सी ने मिस कर दिया सिल-बट्टा के मसालों का स्वादमिक्सी ने मिस कर दिया सिल-बट्टा के मसालों का स्वाद फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला)पुराने समय में खाना पकाने के लिए मसाले पीसने के लिए ओखली-मूसल और सिल बट्टा का इस्तेमाल किया करते थे। बेशक इन चीजों में मसाला पीसने में मेहनत और समय दोनों खर्च होते थे लेकिन खाने का जो स्वाद आता था, यब बात आपके परिजन अच्छी तरह जानते होंगे। आजकल लोगों...

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माटी के चूल्हों से रामनगरिया में रोजगार तलाश रही इंद्रामाटी के चूल्हों से रामनगरिया में रोजगार तलाश रही इंद्रा फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)चूल्हे की रोटी का स्वाद जिसने चख रखा हो, उसे मिट्टी की हांडी का बदल अच्छा नहीं लगता। मुझे बैलगाड़ी में बैठाकर गांव ले चलिए, घुटन होती है कारों में महल अच्छा नहीं लगता। यह कुछ लाइनें नाम चीन शायर अशोक साहिल की है| यह वेदना उस धुन की पक्की महिला को देखकर...

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प्रियंका गांधी के सियासी ब्रह्मास्त्र के सहारे यूपी के रण में उतरी कांग्रेस

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नई दिल्ली:प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय राजनीति में उतारने का ऐलान कर कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव 2019 के रण में अपना सबसे बड़ा सियासी ट्रंप कार्ड चल दिया है। कांग्रेस महासचिव के रूप में सियासत में उतरीं प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। सूबे में अगड़ी जातियों विशेषकर ब्राह्मणों को साधने की रणनीति के तहत कांग्रेस ने प्रियंका पर यह दांव लगाया है।
प्रियंका को पूर्वी उत्तरप्रदेश की कमान सौंप कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे सियासी चुनौती देने का साफ संदेश दिया है। प्रियंका को सियासी मैदान में उतारे जाने को कांग्रेस के फ्रंट फूट पर खेलने की रणनीति बता राहुल गांधी ने पार्टी के इन इरादों को जाहिर भी कर दिया। प्रियंका के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी पहली बार कांग्रेस महासचिव बनाते हुए उन्हें पश्चिमी उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। इन दोनों युवा चेहरों को सियासी रण में उतारकर कांग्रेस ने केवल भाजपा ही नहीं सपा-बसपा के मजबूत माने जा रहे गठबंधन की भी राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी है।
राहुल गांधी ने उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में जगह नहीं मिलने से परेशान कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को प्रियंका की सियासी एंट्री का ‘टॉनिक’ भी दे दिया है। प्रियंका के सीधे राजनीति में आने की चर्चाएं वैसे तो लंबे समय से होती रही हैं मगर कांग्रेस और राहुल के लिए यह सबसे निर्णायक और नाजुक समय है।भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन की लड़ाई में चुनावी अखाड़े से बाहर होने की चुनौती का सामना कर रही कांग्रेस के लिए प्रियंका का ट्रंप कार्ड चलने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसीलिए बुधवार को राहुल गांधी ने उधर अमेठी दौरे की शुरूआत की तो इधर दिल्ली में उसी वक्त कांग्रेस ने प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को महासचिव बनाने की घोषणा की।
कांग्रेस के पुराने परंपरागत ब्राह्मण और अगड़ी जातियों को जोड़ने के साथ प्रियंका व सिंधिया के जरिए पार्टी ने सूबे के युवा वोटरों को भी साधने की रणनीति का संकेत दिया है। नई उम्मीदों से परिपूर्ण संवेदनशील भारत के लिए उत्तरप्रदेश को मुख्य धूरी बताते हुए राहुल ने अपने ट्वीट में प्रियंका व ज्योतिरादित्य की नियुक्ति को उम्मीदों की सियासत से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रियंका और ज्योतिरादित्य के नेतृत्व में एआईसीसी की नई टीम उत्तरप्रदेश में एक नई तरह की राजनीति का आगाज करेगी। कांग्रेस उत्तरप्रदेश के युवाओं को सूबे में परिर्वतन का एक नया गतिशील व प्रभावशाली प्लेटफार्म देगी। राहुल के बयान से साफ है कि सामाजिक समीकरणों को साधने के अलावा कांग्रेस का प्रियंका कार्ड युवा वोटरों को केंद्र में रखते हुए चला गया है।प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तरप्रदेश की कमान सौंपना केवल इस लिहाज से अहम नहीं कि पीएम मोदी का चुनाव क्षेत्र वाराणसी और योगी आदित्यनाथ की सियासी कर्मभूमि गोरखपुर इसमें आते हैं। पूर्वाचल इसलिए भी अहम है कि ब्राह्मण मतदाताओं की निर्णायक भूमिका वाले इस इलाके की आजमगढ़ को छोड़कर लगभग सभी सीटें 2014 में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने जीती थी।
ऐसे में प्रियंका के लिए भी भाजपा की जमीनी पकड़ और सपा-बसपा के सामाजिक समीकरणों की ताकत में सेंध लगाते हुए उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की वापसी कराना आसान चुनौती नहीं है। खासकर यह देखते हुए कि प्रियंका रायबरेली और अमेठी से आगे सियासी रूप से सक्रिय नहीं रही थीं। मगर अब इन दोनों सीटों समेत करीब 40 लोकसभा सीटों की सीधी जिम्मेदारी उन पर होगी। इन सीटों पर 2019 में कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन जाहिर तौर पर प्रियंका के लिए भी राजनीति में आने के तत्काल बाद की सबसे बड़ी परीक्षा है। प्रियंका ट्रंप कार्ड के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया को बतौर महासचिव पश्चिमी उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाकर राहुल गांधी ने सूबे की अपनी चुनावी रणनीति को धार तो दी ही है। साथ ही सिंधिया को महासचिव के रूप में ही उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में जिम्मेदारी से साफ है कि मध्यप्रदेश के चुनाव अभियान में अहम रोल के लिए उन्हें यह सियासी प्रमोशन मिला है।
मध्यप्रदेश के चुनाव में सिंधिया कांग्रेस के सबसे ज्यादा भीड़ जुटाऊ नेता के रूप में उभरे खासकर युवा तबके में उनकी लोकप्रियता ज्यादा दिखी। इस नई चुनावी टीम के साथ ही राहुल ने गुलाम नबी आजाद की उत्तरप्रदेश से छुट्टी कर दी और अब वे हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी महासचिव बनाए गए हैं। इसी तरह राजस्थान का मुख्यमंत्री बन चुके अशोक गहलोत को भी महासचिव पद से मुक्त कर उनकी जगह संगठन महासचिव की अहम जिम्मेदारी केसी वेणुगोपाल को सौंपी गई है। वेणु कर्नाटक के प्रभारी महासचिव भी बने रहेंगे।
रायबरेली से चुनाव लड़ने का विकल्प खुला
प्रियंका गांधी के राजनीति के मैदान में उतरने के साथ ही उनके 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा गर्म है कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी स्वास्थ्य कारणों से यदि चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करती हैं तो फिर रायबरेली से प्रियंका लोकसभा चुनाव में उतर सकती हैं। हालांकि प्रियंका के चुनाव लड़ने पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी के निर्णय के आधार पर ही लिया जाएगा। लेकिन यह तय है कि प्रियंका चुनाव में तभी उतरेंगी जब सोनिया गांधी चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करेंगी।

गठबंधन के आगे केबल पांच सीटों पर ही सिमटेगी बीजेपी:लोकदल

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Posted on : 23-01-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP

फर्रुखाबाद:राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष व यूपी सरकार में पूर्व मंत्री रहे डॉ० मसूद अहमद ने कहा की गठबंधन इस बार बीजेपी पर भारी पड़ेगा| बीजेपी केबल पांच सीटों पर ही सिमटने वाली है| उन्होंने इसके साथ ही बीजेपी पर जमकर सियासी हमले किये|
फतेहगढ़ के रखारोड तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल परिसर में आयोजित पार्टी के किसान व कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पंहुचे डॉ० मसूद अहमद ने जेएनआई से विशेष बातचीत में कहा की लोकदल से अधिकतर नेता निकले है| उनकी पार्टी नेता बनाने की फैक्ट्री है| उन्होंने कहा कि भाजपा में सीएम की ना चलके प्रदेश में बंसल की चल रही है| उनके यंहासांसद विधायकों की भीड़ ललगती है| मोटी रकम लेकर अधिकारियों को मलाईदार कुर्सी दी जा रही है| वही देश को मोहन भागवत चलाने का काम कर रहे है| देश की जनता को बीजेपी गुमराह करने की फिर से साजिश रच रही है| देश के नौजवानों का भविष्य खतरें में है|
उन्होंने कहा इस बार बीजेपी सरकार के खिलाफ महागठबंधन सपा-बसपा व लोक दल आदि के साथ हुआ है| इस बाद बीजेपी की हकीकत जनता जान चुकी है| इस लिए जनता महागठबंधन के सामने केबल पांच सीटों पर ही सिमट जायेगी|
उन्होंने कहा कि मन्दिर बने या मस्जिद जनता इस बार धर्म,सम्प्रदायों व जाति विशेश के चक्कर में नही पड़ेगी| इस बार चुनाव किसानों के मुद्दे पर होगा| भाजपा झांसा देनें में माहिर है| इस बार देश का किसान झूठों के साथ नही होगा| क्योंकि बीजेपी की पोल खुल गयी है| उन्होंने कहा की लोकदल आधा दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने की महागठ्बन्धन में मांग कर रहा है| अब अभी चार पर सहमती बनी है|
इस दौरान मध्य यूपी के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह,जिलाध्यक्ष रामनिवास शाक्य,मंडल अध्यक्ष कानपुर बृजेन्द्र सिंह यादव आदि रहे|

मतपत्र की पैरोकारी:ईवीएम विवाद पर सपा,प्रसपा और बसपा के एक सुर

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लखनऊ:एक बाद फिर से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैक किए जाने का मुद्दा उठाने के बाद राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती ने ईवीएम विवाद पर तुरंत ध्यान देने एवं अगला लोकसभा चुनाव मत पत्र से कराने की मांग की है। वहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) भी ईवीएम के विरोध में खड़ी है।
हैकिंग का दावा नजरअंदाज नहीं
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईवीएम की भूमिका पर मंगलवार को सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम व्यवस्था ठीक है तो जापान जैसे विकसित देश इसे इस्तेमाल क्यों नहीं करते? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए हैकिंग का दावा करने वाले साइबर विशेषज्ञ को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कहा कि साइबर विशेषज्ञ के चुनावों में धांधली के दावे से ईवीएम विवाद को षडयंत्रकारी बना दिया है। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने मत पत्रों से मतदान कराने की मांग दोहराते हुए कहा, ‘वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा। ‘ उन्होंने कहा कि साइबर विशेषज्ञ द्वारा यह दावा करना कि 2014 में लोकसभा चुनाव के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात व दिल्ली के पिछले विधान सभा चुनावों में धांधली हुई थी, का संतोषजनक समाधान जरूरी है। मायावती ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतपत्रों द्वारा मतों के सत्यापन की बेहतर व्यवस्था संभव है जबकि ईवीएम में ऐसे सत्यापन की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। इसलिए आयोग को आगामी लोकसभा चुनाव मतपत्रों से ही कराना चाहिए। केंद्र सरकार पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम विवाद की उचित जांच कराने की भाजपा से उम्मीद नहीं की जा सकती है। ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका अहम हो जाती है। देश की जनता आशंकित और भयभीत हो गई है। उसे लगने लगा है कि उसका वोट अब अपना नहीं रहा।
लोकतंत्र में जनता का भरोसा जरूरी
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकतर दलों को वोटिंग मशीनों पर एतराज है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में क्या डर है? लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखना ही सबसे जरूरी है।

मायावती के खिलाफ विवादित टिप्‍पणी पर बीजेपी विधायक पर मुकदमा

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Posted on : 20-01-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, Politics-BSP

लखनऊ:बीएसपी प्रमुख मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के बाद बीजेपी विधायक साधना सिंह ने खेद जताया। साधना सिंह ने कहा कि मेरी मंशा सिर्फ यही थी कि 2 जून 1995 में गेस्ट हाउस कांड में बीजेपी ने मायावती जी की मदद की थी, उसे सिर्फ याद दिलाना था न कि उनका अपमान करना था। उन्‍होंने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। मेरे शब्‍दों से किसी को दुख हुआ है तो मैं उसके लिए खेद प्रकट करती हूं। वहीं दूसरी ओर चंदौली में भाजपा विधायक साधना सिंह के खिलाफ बसपा के आजमगढ़ और वाराणसी के जोनल हेड रामचंद्र गौतम ने मामला दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि मुगलसराय की विधायक साधना सिंह ने शनिवार को भाषण के दौरान पूर्व मुख्‍यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधा। उन्होंने बसपा प्रमुख को गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता के लिए चीरहरण करने वालों के साथ हाथ मिला लिया। साधना सिंह ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिस महिला का इतना बड़ा चीरहरण हो, वह सत्ता के लिए आगे नहीं आती है। इनका सबकुछ लुट गया लेकिन फिर भी इन्होंने कुर्सी के लिए अपमान पी लिया।’ साधना सिंह ने मायावती के बारे में कहा कि वह ना तो महिला लगती हैं और ना ही पुरुष लगती हैं। साधना सिंह यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी महिला तो किन्नरों से भी बदतर हैं।
बयान की निंदा
साधना सिंह के बयान के बाद बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने भी कहा कि भाजपा विधायक ने बसपा मुखिया मायावती के लिए जिस तरह के शब्द इस्तेमाल किए हैं, वह भाजपा के स्तर को दिखाता है। सपा-बसपा गठबंधन की घोषणा के बाद से ही बीजेपी नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्हें आगरा और बरेली के अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत है। ऐसे नेताओं को पागलखाने भेज देना चाहिए। सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी विधायक की इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी विधायक ने जिस तरह के आपत्तिजनक अपशब्द मायावती जी के लिए प्रयोग किए हैं वे घोर निंदनीय हैं ये बीजेपी के नैतिक दिवालियापन और हताशा का प्रतीक है। ये देश की महिलाओं का भी अपमान है।

गाँव-गाँव कार्यालय खोलेगा लोक अधिकार मंच

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Posted on : 20-01-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(कम्पिल)लोक अधिकार मंच के पांचवें कार्यालय का शुभारम्भ रविवार को विधि-विधान से हो गया| जिसके बाद सभी को केंद्र सरकार के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के विषय में अवगत कराया गया|
पांचवें कार्यालय के शुभारम्भ पर कंपिल पंहुचे लोक अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष डॉ० अरविन्द गुप्ता ने कार्यालय का शुभारम्भ किया| इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में आये लोगों को सरकार की योजनाओं से अवगत कराया| उन्होंने कहा कि लोक अधिकार मंच वह मंच है जो जनता के अधिकारों के लिए प्रयास करता है| संगठन के द्वारा भारत सरकार द्वारा चलायी गयी विभिन्य योजनाओ को जन- जन तक पहुचाने का जो वीणा उठाया है उस को पूरा करने के लिए लोक अधिकार मंच को जनता का समर्थन मिल रहा है|
इसी सहयोग के चलते संगठन के पांचवें कार्यालय का शुभारम्भ किया गया है| लोक अधिकार मंच अब हर ग्राम में कार्यालय खोलेगा जिसके माध्यम से विभिन्य योजनाओं के निशुल्क फ़ार्म एवं साथ में दिशा निर्देश फ़ार्म भी प्राप्त मिलेगा|
जिलाध्यक्ष का जगह-जगह स्वागत किया| सचिन,रियंस शुक्ला,अभिषेक,विनोद,सागीर अहमद,गोविन्द राजकुमार,सुरेश चन्द्र, राजकिशोर,कृष्ण मुरारी,आमिर प्रताप सिंह,पुष्पेन्द्र व शिवम आदि रहे|

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