योगी सरकार नें मंत्री ओमप्रकाश राजभर को किया बर्खास्त

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Posted on : 20-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, राष्ट्रीय

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ लगातार आग उगलने वाले योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लोकसभा चुनाव के दौरान हद पार कर दी। सरकार को लगातार असहज कर रहे मंत्री को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बर्खास्त करने की सिफरिश की। राज्यपाल राम नाईक ने ओमप्रकाश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर उनको पद से मुक्त कर दिया है। ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त करने के बाद उनके सभी विभाग को मंत्री अनिल राजभर को दिया गया है। अनिल राजभर का कद बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने योगी आदित्यनाथ मंत्रिमण्डल के सदस्य तथा मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग जन विकास, ओम प्रकाश राजभर को तात्कालिक प्रभाव से प्रदेश मंत्रिमण्डल की सदस्यता से पदमुक्त कर दिया है। राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्ताव पर ओम प्रकाश राजभर को मंत्री पद से मुक्त करने के लिए अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर राज्यपाल ने मंजूर ओमप्रकश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही राजभर की पार्टी के उन सभी नेताओं को भी हटा दिया गया है, जिनको मंत्री का दर्जा दिया गया था।
ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। आज ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।
भारतीय जनता पार्टी और योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजभर से अलग होने का मन पूरी तरह से बना लिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राज्यपाल से पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस बाबत राज्यपाल को पत्र भी प्रेषित कर दिया। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही अब भारतीय जनता पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समज पार्टी (सुभासपा) का नाता आज पूरी तरह से ख़त्म हो गया।
उत्तर प्रदेश सरकार में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्खास्त करने की सिफारिश की। राजभर ने यूपी सरकार से इस्तीफा देने से मना कर दिया था और उत्तर प्रदेश में अपने 39 प्रत्याशी को भी उतारा था, लेकिन एग्जिट पोल सामने आने के बाद अब ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त करने का मन बना लिया था।ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ आई थी। इनकी पार्टी से तीन विधायक हैं। इनमें से एक कैलाश सोनकर तो चंदौली से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की राजभर समुदाय के बीच पकड़ मजबूत है। ओमप्रकाश राजभर की मांग थी कि लोकसभा चुनाव में उन्हें दो से तीन सीटें दी जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
लोकसभा चुनाव में राजभर ने भाजपा नेताओं पर जमकर हमला बोला और अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया। उल्लेखनीय है कि राजभर ने दावा किया कि वो और उनके दो सहयोगियों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था तथा उनका अब भाजपा से कोई रिश्ता नही रहा था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा स्वीकार करना भाजपा सरकार का काम है।

गठबंधन और बीजेपी के बीच यूपी में कांटे की टक्कर

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नई दिल्ली/ लखनऊ:  आम चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद मीडिया में अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल्स आ गए। इससे आधिकारिक नतीजों से पहले ही देश का मूड और हवा का रुख भांपने में मदद मिलती है।
चुनाव परिणाम आने तक एग्जिट पोल्स के नतीजे सियासी चर्चाओं के केंद्र में रहते हैं। जानिए- अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में किस दल को कितनी सीटें मिल रही है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के मुताबिक, भाजपा को 80 में से 58 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को 20 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को महज दो सीट मिलती दिख रही है। वहीं न्यूज 24X7 के अनुसार, भाजपा को 51 सीटें और सपा-बसपा को 26 सीटें मिल सकती हैं। यहां भी कांग्रेस को सिर्फ तीन सीट बताई गई है। एबीपी न्यूज-नील्सन के अनुसार भाजपा को भारी नुकसान हो रहा है। गठबंधन को 56 और कांग्रेस को दो सीट मिल सकती है। सुदर्शन न्यूज के एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को 52 सीट मिल सकती है। सपा-बसपा के खाते में 26 सीट जा सकती है।
एबीपी के सर्वे के अनुसार अवध क्षेत्र की 23 सीटों में भाजपा गठबंधन को 7 सीटें, सपा बसपा गठबंधन को 14 सीटें तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है।  पश्चिम उत्तर प्रदेश के 27 सीटों में भाजपा गठबंधन को 6, सपा बसपा को 21 तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है। बुंदेलखंड की 4 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 1 तथा सपा बसपा गठबंधन को तीन सीटें मिल रही है।  वहीं पूर्वांचल में 26 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 8 सीटें, सपा बसपा व लोकदल को 18 सीटें तथा कांग्रेस को 0 सीटें मिल रही है।
टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे में यूपी में भाजपा गठबंधन को 58 सीटें, कांग्रेस को 2 तथा सपा+बसपा+ रालोद गठबंधन को 20 सीटें मिलती दिख रही है। भले ही टाइम्स नाउ-वीएमआर सर्वे में महागठबंधन को महज 29 सीटें मिल रही हैं, लेकिन सी-वोटर सर्वे में उसे 40 सीटें मिलने की उम्मीद है। भाजपा को सी वोटर सर्वे में भी बहुत नुकसान होता नहीं दिख रहा है और उसे 38 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि कांग्रेस को सी-वोटर के सर्वे में भी झटका लगता दिख रहा है। उसे महज 2 सीटें मिलने का ही अनुमान जताया गया है।

भाजपा + कांग्रेस+ सपा+ बसपा+रालोद अन्य
आज तक एक्सीस
एबीपी न्यूज नील्सन  22  2  5  0
सी वोटर  38  2  40  0
टाइम्स नाउ-वीएमआर  58  2  20  0
न्यूज 24X7  51  3  26  0

एग्जिट पोल में देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी (80 सीट) पर देश की नजर है। 2014 में भाजपा ने यहां बंपर सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार मुकाबला पूरी तरह अलग रहा। सपा और बसपा ने हाथ मिलाते हुए महागठबंधन बना लिया, वहीं कांग्रेस भी अपने दम पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को आधिकारिकतौर पर राजनीति में उतार दिया और पश्चिम यूपी की कमाई सौंप दी। चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के नेताओं के नई विवादित बयान दिए, जिनके चलते योगी आदित्यनाथ के साथ ही मायावती और आजम खान के चुनाव प्रचार पाबंदी लगी।
यूपी की वीआईपी सीटों में लखनऊ सीट भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह मैदान में हैं। सपा ने उनके खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने प्रमोद कृष्णन को टिकट दिया है। इसी तरह वाराणसी (नरेंद्र मोदी), अमेठी (राहुल गांधी बनाम स्मृति ईरानी), रायबरेली (सोनिया गांधी), मैनपुरी (मुलायम सिंह), आजमगढ़ (अखिलेश यादव बनाम निरहुआ), रामपुर (आजम खान बनाम जया प्रदा), गोरखपुर (रवि किशन), कन्नौज (डिंपल यादव) यूपी की वीआईपी सीटों में शामिल हैं।
2014 का नतीजा: 2014 की मोदी लहर में भाजपा को 80 में से 73 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को सिर्फ दो (अमेठी और रायबरेली) में जीत मिली थी। सपा को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था, वहीं मायावती की पार्टी का तो खाता भी नहीं खुला था।
आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर एग्जिट पोल क्या होते हैं। लगभग सभी बड़े चैनल्स और एजेंसियां मिलकर आखिरी चरण के मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाती हैं। इसमें बताया जाता है कि नतीजे किसके पक्ष में होंगे और किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं। हालांकि जरूरी नहीं है कि परिणाम भी एग्जिट पोल के मुताबिक ही आएं क्योंकि यह सर्वे पर आधारित होता है और सर्वे शत प्रतिशत सही हों, इसकी गारंटी नहीं होती।
आइए हम आपको बताते हैं कि एग्जिट पोल कराने का तरीका क्या होता है। दरअसल एजेंसियां वोट डालने के तुरंत बाद वोटर्स की राय जानती हैं और उसी के आधार पर नतीजे तैयार किए जाते हैं। हालांकि यह सही रूप से पता कर पाना बड़ा मुश्किल होता है। वहीं वोटिंग से पहले वोटर्स की राय जानकर जो अनुमान लगाए जातें हैं उन्हें ओपिनियन पोल कहते हैं।

बाबा केदार के दरबार में पीएम मोदी ने की पूजा

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Posted on : 18-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Narendra Modi, Politics, Politics-BJP

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान उन्‍होंने अभिषेक के साथ पूजा-अर्चना की। साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। सेफ हाउस में विश्राम के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारिश के बीच पैदल चलकर ध्यान गुफा पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे रात्रि विश्राम भी इसी गुफा में करेंगे। मंदिर से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित यह गुफा पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी है। पिछले वर्ष ही साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री शनिवार सुबह नौ बजकर 37 मिनट पर केदारनाथ धाम पहुंचे, दस बजकर सात मिनट पर उन्‍होंने पूजा अर्चना शुरू की। करीब 17 मिनट तक पीएम मोदी ने पूजा की। पुरोहितों ने मोदी को अंगवस्त्र भेंट किया। मोदी ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी हुई थी। कमर में गमछा बंधा था, हाथ में छड़ी थी। इसके बाद उन्‍होंने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद वहां मौजूद तीर्थयात्रियों और स्‍थानीय लोगों का पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्‍वीकार किया।
परिक्रमा के बाद पीएम को मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शाल ओढ़ाया। इस मौके पर स्‍मृति चिह्न भी भेंट भी किया। इसके बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर के समीप चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों से संबंधित नक्‍शों का अवलोकन भी किया। करीब एक घंटे तक केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पीएम मोदी विश्राम के लिए मंदिर के पास सेफ हाउस पहुंचे। यहां कुछ देर विश्राम करेंगे।
बाबा केदार को प्रधानमंत्री ने करीब सवा क्विंटल पीतल का घंटा भी अर्पित किया। दोपहर में मोदी केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। इससे पूर्व मोदी का देहरादून एयरपोर्ट में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वागत किया। रविवार को भगवान बदरी विशाल के दर्शन प्रधानमंत्री करेंगे।
पीएम ने पहनी है गढ़वाली पोशाक
पीएम नरेंद्र मोदी ने गढ़वाली पोशाक पहनी हुई है। साथ ही सिर पर हिमाचली टोपी लगाए हुए हैं। पीएम मोदी ने कमर भगवा गमछा बांधा हुआ है।
मंदिर में चढ़ाया बाघाम्‍बर और अर्पित किया घंटा
पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम पर बाघाम्बर प्रि‍ंंट का अंग वस्‍त्र चढ़ाया है और घंटा भी अर्पित किया है। घंटे का वजन एक से डेढ़ क्विंटल का है। धर्म के जानकार बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह घंटे या घंटियां मंदिर में चढ़ाते हैं। कई बार लोग मन्नत मांगने के समय भी इस तरह का उपहार चढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कि‍या। उन्‍होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। रात्रि विश्राम भी वह केदारनाथ में कर सकते हैं। अगले दिन रविवार को वह बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीनारायण के दर्शन करेंगे और दोपहर बाद दिल्ली लौट जाएंगे।
उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का खास लगाव है और केदारनाथधाम के प्रति उनकी अगाध आस्था है। एक दौर में नमो ने केदारनाथ के नजदीक ही गरुड़चट्टी में साधना की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अक्सर केदारनाथ आते रहे हैं। केदारपुरी का पुनर्निर्माण उनके ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल है। वह खुद इसकी मॉनीटरिंग करते आए हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि 2013 की आपदा में तबाह हुई केदारपुरी अब नए कलेवर में निखर चुकी है। पिछली बार केदारनाथधाम के कपाट खुलने व बंद होने के अवसर पर वह मौजूद रहे थे।
इस मर्तबा लोकसभा चुनाव की आपाधापी के कारण वह केदारनाथ नहीं पहुंच पाए थे, मगर माना जा रहा था कि चुनाव से निबटने के बाद वह केदारनाथ आएंगे। पिछले कुछ दिनों से उनकी उत्तराखंड यात्रा को लेकर मशीनरी सक्रिय थी और अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बीते तीन दिनों में एसपीजी के साथ ही उत्तराखंड के आला अधिकारियों ने केदारनाथ और बदरीनाथ में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री रात्रि विश्राम केदारनाथ में कर सकते हैं। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो गौचर को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि 19 मई को प्रधानमंत्री बदरीनाथ जाएंगे। वहां दर्शन करने के बाद वह पहले जौलीग्रांट पहुंचेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
केदारनाथ में एसपीजी ने संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर केदारपुरी में एसपीजी ने मोर्चा संभाल लिया है। केदारपुरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शुक्रवार को एसपीजी के अधिकारियों ने केदारनाथ में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मोदी इससे पहले 3 मई 2017, 20 अक्‍टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को केदारनाथ आ चूके हैं। चौथी बार केदारनाथ पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा गया था। जिससे पीएम की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई चूक न रह जाए, इसके लिए कार्यक्रम से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। डीएम व एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह से केदारनाथ में डेरा जमाए हुए हैं।

मोदी की पत्नी की चिंता न करें, अब शादी कर लें मायावती: रामदास अठावले

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Posted on : 17-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Narendra Modi, Politics, Politics-BJP, सामाजिक

वाराणसी: लोकसभा चुनाव 2019 में गठबंधन के प्रत्याशियों के प्रचार के दौरान बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती को पीएम नरेंद्र मोदी की पत्नी के बारे में चिंता करने पर अब जवाब मिलने लगा है। केंद्र सरकार में मंत्री रामदास अठावले ने बसपा मुखिया मायावती पर हमला बोला है। कल अठावले ने कहा कि मायावती पीएम मोदी की पत्नी की चिंता न करें। अब वह अपनी शादी कर लें तो ठीक रहेगा।
वाराणसी में कल रामदास अठावले ने मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मायावती जानती हैं कि मोदी की पत्नी शिक्षिका हैं। उनके ऊपर किसी का भी व्यक्तिगत हमला करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मायावती को पहले शादी कर लेनी चाहिए, फिर टिप्पणी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मायावती को पीएम मोदी की पत्नी की चिंता नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें खुद शादी कर लेनी चाहिए। इसके बाद उनको भी अनुभव हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि मनुवादी बोलने वाली माया ने तीन बार भाजपा के सहयोग से सरकार बनाई। उस समय सत्ता सुख चाहिए था तो भाजपा मनुवादी नहीं थी। 2014 में जब लोकसभा चुनाव में जीरो पर आ गईं तो भाजपा पर हमलावर हो गई हैं। इस बार के चुनाव में उन्हें समझ में आ जाएगा कि नींद किसकी उड़ी है। अठावले ने कहा कि गठबंधन पूरी तरह से फेल है और पूरे देश में दलित हमारे साथ हैं। अठावले ने कहा कि मायावती ने अपने खिसकते वोट बैंक और पिछड़ी जातियों के मोहभंग से बौखलाकर ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से हाथ इस बार मिलाया।
पीएम के चुनाव प्रचार के लिए काशी पहुंचे केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बंगाल सरकार और ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान हुई हिंसा को राज्यमंत्री ने लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। बंगाल के हालात उन्होंने कहा कि ममता घबरा गई हैं। अमित शाह के रोड शो के दौरान जो हिंसा हुई, तृणमूल को पता है कि किसने किया। पिछड़ों और दलितों का कल्याण केंद्र की मोदी सरकार में ही हुआ है।
यूपी और महाराष्ट्र में सीट कम होने की भविष्यवाणी
23 मई को आने वाले परिणामों पर अठावले ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सीट कम होने की भविष्यवाणी भी कर डाली। हालांकि उन्होंने कम हो रही सीटों की भरपाई ओडिशा, बंगाल और दक्षिण भारत में बढऩे वाली सीटों से होने की बात कही। वाराणसी का जिक्र करते हुए अठावले ने कहा यहां मोदी मैजिक का पूरा असर दिख रहा है। राज्यमंत्री के मुताबिक गठबंधन की लड़ाई कांग्रेस से है। गठबंधन भाजपा से सीधी लड़ाई में नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही रामदास अठावले ने महागठबंधन और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के देश को नया प्रधानमंत्री मिलने वाले बयान पर कहा अखिलेश यादव को नहीं दिखाई देगा, लेकिन पूरे देश को, देश की जनता को नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में दिखाई देंगे।
आरपीआइ पिछड़ों की असली पार्टी
महाराष्ट्र के दिग्गज नेता ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया ही पिछड़ों की असली पार्टी है। देश के पिछड़े वर्ग के भले के लिए ही उनकी पार्टी ने भाजपा व मोदी का साथ दिया है। आरपीआइ मुखिया ने बसपा मुखिया मायावती को हाथी चुनाव चिन्ह वापस लेने की सलाह दी।

हमारी सरकार बनेगी तो बंद कर देंगे घूस की व्यवस्था: राहुल

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Posted on : 16-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Narendra Modi, Politics, Politics-BJP, Politics-CONG.

कुशीनगर: लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में लगे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का दावा है कि केंद्र में उनकी सरकार बनने के बाद से घूस लेने व देने की व्यवस्था को बंद कर दिया जाएगा। राहुल गांधी आज कुशीनगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी आरपीएन सिंह के समर्थन में चुनावी सभा कर रहे थे। राहुल गांधी ने देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के मामले पर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि हर जगह पर बिना घूस के कोई काम नहीं होता है। केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद घूस लेने व देने पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत का युवा तो चीन व जापान की तर्ज पर अपना उद्योग लगना चाहता है, लेकिन यहां तो हर विभाग में घूस देने में ही उसकी पूंजी समाप्त हो जा रही है। मेरी सरकार में यह व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। राहुल गांधी ने इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने केवल झूठ बोलने का काम किया। हमने तो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में जो कहा वह कर दिखाया है। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाई तक का कर्ज माफ किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ ने पडरौना की चीनी मिल को सौ दिन में चलाने का झूठा वादा किया। इस 56 इंच के सीने वाले चौकीदार ने पूंजीपतियों का पांच लाख 55 करोड़ कर्ज माफ किया। नोटबंदी कर आम आदमी को लाइन में खड़ा करवाया। काला धन पूंजीपति लूटकर ले गए, लेकिन मैं अब करोड़ों रुपये आम आदमी को देना चाहता हूं, चोर पूंजीपतियों को नहीं। उन्होंने कहा कि मैंने अर्थ शास्त्रियों से पूछा और कहा पांच करोड़ गरीब परिवारों को 72 हजार रुपये देने हैं। यह तब तक देंगे जब तक 12 हजार रुपये महीने की इनकी आमदनी नहीं हो जाती। इस संबंध में अर्थ शास्त्रियों से राय ली। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने नोट बंदी की, जीएसटी लगाया आम आदमी ने माल खरीदना बंद किया, दुकानें बंद हुईं, फैक्ट्री बंद हो गई।
जैसे ही न्याय योजना के तहत 12 हजार रुपये डालेंगे, अर्थ व्यवस्था चल पड़ेगी। बेरोजगारी दूर होगी। न्याय व्यवस्था के बिना देश की अर्थव्यवस्था चल ही नहीं सकती। यह अर्थ व्यवस्था का इंजन रूपी डीजल मोबिल का कार्य करेगा। जिसकी भी आमदनी 12 हजार महीने से कम होगी उनको इसका लाभ देंगे। यह महिलाओं के खाते में जाएगा। मोदी ने जो आप से छीना है हम उसे वापस करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम झूठे वादे नहीं करते है, जो कहते हैं उसे करते हैं। ऋण लेकर माल्या व नीव मोदी सरीखे पूंजीपति बाहर घूम रहे हैं और किसानों को जेल में डाला जा रहा है। हमारी सरकार में यह नहीं होगा। एक साल में 22 लाख सरकारी नौकरी मिलगी। पंचायतों में 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।