बेसिक शिक्षा अधिकारी ने माना शहर तक में कक्षा 5 के छात्र को नहीं आता दो का पहाड़ा

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फर्रुखाबाद: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भगवत प्रसाद पटेल ने बीते दिनों जनपद के लगभग एक दर्जन प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में छापा मारा था। छापे के दौरान बीएसए को विद्यालयों में खामियां ही खामियां नजर आयीं थीं। जनपद के प्राथमिक विद्यालयों का यह हाल है कि प्राइमरी विद्यालय लिंजीगंज में कक्षा पांच की छात्रा गुंजन व हेमलता ने दो का पहाड़ा तक नहीं सुना पाया था वहीं अध्यापकों को उनकी पुस्तकों के नाम तक सही नहीं मालूम हैं। एक अध्यापक ने तो कक्षा पांच की हिन्दी की किताब का नाम ही गलत लिखा था।

बीएसए भगवत पटेल ने नगर क्षेत्र के प्राइमरी विद्यालय बालक बढ़पुर, शीतला जूनियर हाईस्कूल बढ़पुर, प्राइमरी विद्यालय लिन्जीगंज, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लिन्जीगंज, प्राथमिक विद्यालय सुतहट्टी तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाग लकूला का बीते दिनों निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों में छात्र संख्या कम पाये जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों के शिक्षामित्रों का मानदेय रोकते हुए सम्बंधित प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी कि 65 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। सम्बंधित बार्ड के मोहल्लों में शत प्रतिशत नामांकन कराकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाये तथा शिक्षकों द्वारा शिक्षक डायरी का भी प्रयोग किया जाये। जिन विद्यालयों के शिक्षक अपनी कार्य प्रणाली में सुधार नहीं लायेंगे उनका जुलाई माह का वेतन रोक दिया जायेगा।

वहीं बीएसए ने लिंजीगंज विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा गुन्जन व हेमलता से दो का पहाड़ा सुनाने को कहा तो वह नहीं सुना पायीं। ब्लैकबोर्ड पर नजर गयी तो देखा कि पर्यायवाची शब्द लिखे जा रहे थे जिसमें विषय हिन्दी भाषा के आगे कलरव के स्थान पर कलरब लिखा था। यही नहीं दीवार पेंट में भी पुस्तकों के नाम में कलरव की जगह कलरब लिखा पाया जिसे तत्काल शुद्ध करवाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान लिंजीगंज विद्यालय में गंदगी व अतिक्रमण को देखकर वह भड़क गये। उन्होंने नगर शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय प्रांगण से अतिक्रमण हटवाकर साफ सफाई करवायी जाये। जिसके सम्बंध में एक सप्ताह में अवगत करायें।