खबरीलाल का रोजनामचा: तुम रहे जाहिल के जाहिल, वे लोखों पी गये, तुम पौवे में निबट गये?

Uncategorized

कल साप्ताहिक अवकाश के दिन स्थानीय निकायों के होने वाले मतदान के लिए जिले के नागरिक क्षेत्र में जबरदस्त चहल पहल पूरे दिन और देर रात तक दिखाई दी| प्रशासन और पुलिस की तैयारियां भी चौकस की जाती रही| पुलिस पीएसी के प्रभावी फ्लेग मार्च के माध्यम से अराजक तत्वों और सामान्य मतदाता को यह सन्देश दिया गया कि निर्भीक होकर मतदान करना है| किसी तरह कि गुंडई या दबंगई बर्दाशत नही की जायेगी| प्रशासन के सख्त तेवरों से लोगों में कप-कपी छुट रही है|

खबरीलाल प्रचार कार्य बंद होने के बाद पूरे शहर में घूम-घूमकर हालात का जायजा लेते रहे| शराब के ठेके बंद थे| परन्तु शराब बंद नही थी| खबरीलाल ने एक मतदाता को झोले में बोतले ले जाते देखा| उसे रोककर पूंछा झोले में क्या है| नही नही खबरीलाल जी कुछ नही कुछ नही| हम घर की जरुरत का समान लेकर जा रहे है| गुस्से में खबरीलाल ने झोला छीन लिया| उसमे से शराब की बोतले निकालकर  जमीन पर फेककर तोड़ दी| खली झोला उस व्यक्ति को थमाकर बोले| अब जाईये घर का जरुरी समान लेकर| खबरीलाल का गुस्सा देखकर वह व्यक्ति सक पका गया| हांथ जोड़कर मांफी मांगने लागा| भईया खबरीलाल अब ऐसी गलती कभी नही करूँगा| तुम्हारे हांथ जोड़ते है पाव पड़ते है|

खबरीलाल बोले नुमजाहिल के जाहिल ही रहोगे| महंगाई को रोते हो| भ्रष्टाचार का रोना रोते हो| नौकरी के लिए धक्के खाते घूमते हो| तुम्हे पता है तुम्हारे झोले में रखी यह शराब की बोतले ही इन सब बातों का कारण है| तुम झोले में शराब की बोतले लिए जा रहे हो| एक चेयरमैन साहब अपने कार्यकाल में नगर पालिका के ही एक चहेते सेवा निवृत अधिकारी के माध्यम से प्रकाश उपकरणों की लंबी खरीद में साठ लाख रूपए कमीशन का झोला बिना डकार पी गये| खबरीलाल जी हम आज से वादा करने है| चुनाव में ही नही अब कभी शराब नही पियेंगे| हम आज से ही गली गली प्रचार करेंगे किजो लोग शराब पीकर वोट देते है| यह बहुत बड़ा पाप करते है| इसके साथ ही महंगाई, भष्टाचार और बेरोजगारी को बढावा देने में जाने अनजाने सहायक बनते है| इसके बाद दोनों लोग अपने अपने रस्ते पर चल दिए|

खबरीलाल गलियों सड़कों पर घूम रहे थे। एक तिराह पर आपस में बात कर रहे लोगों ने उन्हों रोक लिया। सभी एक स्वर में बोले कि भइया खबरीलाल अबतो मतदान के लिये कुछ घंटे ही शेष बचे हैं। पूरे चुनावभर अपने रोजनामचे से आप हमें रोज नयी बातें बताते रहे, समझाते रहे। आपने पूरे क्षेत्र की खाक छानी है। हमें बताइये कि फर्रुखाबाद नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिये हम किसे वोट दें। काफी देर तक तो खबरीलाल टालते रहे, परंतु भीड़ तिराहे पर बढ़ती जा रही थी। लोग इस बात पर अड़े थे कि खबरीलाल बतायें कि कल किसे वोट देना है।

खबरीलाल ने जब देखलिया, समझ लिया कि कुछ कहे बिना छुटकारा नहीं है। तब वह बोले कि अच्छा हम बतायेंगे, सभी को बतायेंगे। परंतु पहले हमे इस बात का पक्का भरोसा दिलाओ कि पैसा व दारू बांटने वालों और जाति बिरादरी के नाम पर वोट मांगने वालों को आप में से कोई वोट नहीं देगा। मंत्रमुग्ध भीड़ पूरे उत्साह से चिल्लाई-हम वोट नहीं देंगे, नहीं देंगे।

अनायास बिना किसी के बुलाये एकत्र हो गयी इतनी भीड़ की इस प्रकार की प्रतिक्रिया देखकर खबरीलाल भी भावुक हो गये। तब तक तिराहे के आस पास के मकानों के लोग भी यह घटनाचक्र देखने मकानों की छतों पर आ गये। भीड़ भी कई गुना बढ़ गयी।

खबरीलाल बोले भाइयों बहनों आपने मुझ जैसे छोटे व्यक्ति को आज इतना मान सम्मान दिया। मैं भी आपकों विश्वास दिलाता हूं चुनाव सुधारों निष्पक्ष और निर्भीक चुनावों के लिये आजीवन प्रयास करता रहूंगा। खबरीलाल बुलंद आवाज के साथ बोले कि मैं अपने आप को इसका अधिकारी नहीं मानता कि आपको बताऊं कि आप किसे वोट दें। आप सबलोग जागरूक हैं। उम्मीदवार भी आपके जाने पहचाने हैं। सब आपके आस पास के लोग हैं। आप किसे वोट दें, यह आपका पवित्र अधिकार है। परंतु आप निर्भीक व निष्पक्ष होकर मतदान अवश्य करें। यह अनुरोध करने का अधिकार एक नागरिक के नाते मेरा है। कोई भी छोटा बड़ा चुनाव हो। यदि शतप्रतिशत मतदाता निर्भीक व निष्पक्ष होकर मतदान करने लगेंगे तो विश्वास मानिये कि अच्छा व्यक्ति ही सफल होगा। चुनाव को मंहगा करने वाले का बहिष्कार करिये। क्योंकि चुनाव को मंहगा करने वाला जीतने के बाद ईमानदारी से काम नहीं कर सकता। वह बेईमानी व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। विकास उसके एजेंडे में नहीं रहेगा। मैं आपसे किसी व्यक्ति विशेष को वोट देने के लिये नहीं कहूंगा। आपकों अगर आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप सबसे अच्छा व्यक्ति समझ में नहीं आता है तो भी निष्पक्ष व निर्भीक हो कर मतदान अवश्य कीजिये। जब तक राइट टू रिजेक्ट नहीं आता, तब तक सबसे कम बुरे व्यक्ति को वोट अवश्य दीजिये।

पूरे चुनाव हमने जो सुना, देखा व समझा, हमने आप तक पहुंचाया। बिना किसी बैर या द्वेषभाव के। व्यंग का पुट इस लिये बनाये रखा कि अव्वल तो हमारी आदत व दूसरे आप हंसे-मुस्कुरायें। हमारे बहुत से कष्टों का कारण यह भी है कि हमने हंसना व मुस्कुराना छोड़ दिया है। यकीन मानिये कि यदि आपने निर्भीक व निष्पक्ष होकर मतदान किया तो कल आपकों पछताना नहीं पड़ेगा। आपको अधिकतम मतदान करने पर हंसने व मुस्कुराने का मौका मिलेगा। इसलिये भारतीय लोकतंत्र के कर्णधार मतदाताओ कल प्रात: सात बजे से सायं छह बजे तक हंसते मुस्कुराते हुए मतदान केंद्र पर जाइये। निष्पक्ष व निर्भीक होकर मतदान करिये। जीत आपकी ही होगी।

खबरीलाल इतना कहने के बाद हाथ जोड़कर चुप हो गये। एकत्र भीड़ ने तालियां बजाकर यह संकल्प लिया कि हम केवल कल ही नहीं आगे आने वाले चुनावों में भी निष्पक्ष व निर्भीक होकर मतदान अवश्य करेंगे। इस सब के बीच एक युवक खबरीलाल के पास आया व बोला भैया खबरीलाल जबसे मैंने होश संभाला तब से नगरपालिका में लूटखसोट भ्रष्टाचार की ही कहानियां सुन रहे हैं। क्या नगर पालिका शुरू से ही एसी रही है। खबरीलाल बोले भाई नगर पालिका में बहुत अच्छे अच्छे लोग हुए हैं। पूरे जीवन भर सभासद रहे, लंबे समय तक चेयरमैन रहे, पर अपने ऊपर कोई दाग नहीं लगने दिया। अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे। लागों के हितों पर आंच नहीं आने दी।

खबरीलाल बोले अब कल चुनाव है, इस लिये इस विषय पर लंबी बहस का न तो अब समय है और न ही कोई मौका। कुछ नये पुराने लोगों के नाम हमें याद आ रहे हैं। तुम अपने आस पास के बुजुर्गों से उनके विषय में पूंछना। नई नगर पालिका के गठन के बाद हम तुमको इस विषय में विस्तार से बतायेंगे। लेकिन तुम कल अपने साथियों के साथ मिलकर निष्पक्ष व निर्भीक होकर मतदान अवश्य करना।

खबरीलाल अपनी स्मृति पर जोर डालते हुए बोले बाबू विद्याप्रकाश, रामलाल, डा० ए०डब्लू० आफरीदी, अनवर बख्त, हबीब मियां, दद्दा सत्यनरायन, मुरारीलाल तिवारी, अहमद नबी, मुन्ना हवलदार, डा० शंकरलाल गुप्ता, हकीम अयूब, डा० बीएन सरीन, डा० रघुवीर दत्त शर्मा, बृह्मदत्त द्विवेदी, पंडित छुन्नालाल तिवारी, मोहम्मद नजीर, फुरफुर मियां, अल्लाह बख्श, जगवंत सिंह यादव, प्रभाष चंद्र अग्रवाल, अरुण प्रकाश तिवारी, बाबू अवध बिहारी, डा० राजेंद्र शाक्य, हिदायतमीर खां, नैना बाबू, खुन्नू बाबू, लंकुशभान साध, डा० विपिन चंद्र वर्मा, विजयशंकर दुबे, डा० रामलाल वर्मा, गणेश दुबे, कैलाश खंडेलवाल, सुधांशुदत्त द्विवेदी, सत्यमोहन पाण्डेय, केशव भान साध, विद्यानंद आर्य, प्रताप नरायन, डा० रजनी सरीन, पूर्णेद्र गुप्ता, रामनिवास भारती, श्याम प्रकाश दुबे जैसे सभासदों अध्यक्षों के नाम इस समय याद आ रहे हैं। कल प्रेम से वोट डालो। तुम्हारी जिज्ञासा का हम चुनाव बाद जरूर समाधान करेंगे।

आज बस इतना ही

भइया चलो डालो वोट…………….