अव्यवस्थाओं के बीच टीईटी की परीक्षा सम्पन्न

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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रविवार को विसंगतियों, अफवाहों व अव्यवस्थाओं के बीच सम्पन्न हो गयी। परीक्षा में 93 केंद्रों पर लगभग एक लाख परीक्षार्थियों ने भाग लिया। अनेक परीक्षार्थियों के केंद्र, जाति व अनुक्रमांक बदल गये वहीं प्रश्नपत्र आउट होने की चर्चा भी रहीं।

परीक्षा पर अफवाहों का ग्रहण शनिवार देर रात से ही लग गया था। छतरपुर व महोबा में धंधेबाजों के दबोचे जाने के बाद परीक्षार्थी इस आशंका से घिरे थे कि कहीं परीक्षा टल न जाए। रविवार को सख्ती के बीच परीक्षा हुई। हालांकि परीक्षा में अनुक्रमांक, केंद्र व श्रेणी को लेकर यूपी बोर्ड द्वारा की गई त्रुटियां विभाग और तमाम अभ्यर्थियों के लिए सिर दर्द बनी रहीं। एक केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा में ओएमआर सीट दो घंटे तक सील नहीं हो पाई।

93 केंद्रों पर दो पालियों में हुई तकरीबन एक लाख अभ्यर्थियों की  टीईटी परीक्षा में केंद्रों के बाहर पुलिस बल, भीतर स्टैटिक मजिस्ट्रेट व कई केंद्रों पर अलग से पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई। प्रवेशपत्र देखकर ही प्रवेश दिया गया। पहचान के बाद ही कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने, अधिकारियों के निरीक्षण, इंटरनेट कैफे व फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहीं।

बोर्ड ने भले ही पहली व दूसरी पाली की परीक्षा एक ही केंद्र पर कराने की घोषणा की हो लेकिन तमाम छात्रों की पहली परीक्षा यहां होनी थी तो दूसरी झांसी, लखनऊ सहित दूसरे मंडलों में। ऐसे परीक्षार्थियों की कानपुर नगर के ही  केंद्रों पर परीक्षा कराई गई। कई छात्रों को भटकना भी पड़ा। भागवंती एजुकेशन सेंटर में दूसरी पाली में 22 अभ्यर्थियों की परीक्षा होनी थी। उन्हें पहले जुगल देवी कॉलेज भेजा गया। वहां प्रश्नपत्र नहीं थे तो राम लला कॉलेज भेजा गया लेकिन अभ्यर्थी वहां नहीं पहुंचे।