मार्निंग वाक नहीं तेज चाल है सेहत की कुंजी

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प्रोस्टेट यानि मूत्रमार्ग में अवरोध। आमतौर पर यह रोग होने पर चिकित्सक या तो ऑपरेषन की सलाह देते हैं या फिर दवाओं से अवरोध दूर करने के का प्रयास करते हैं। इन बातों के विपरीत चिकित्सकों की राय है कि यदि मॉर्निंग वॉक करें तो रोग से मुक्ति मिल सकती है। चिकित्सा विश्वविद्यालय के यूरोलॉजिस्ट डा दिवाकर दलेला का कहना है कि यदि व्यक्ति रोज दो किलोमीटर तक तेल चाल से चले तो प्रोस्टेट से बचाव हो सकता है।

चिकित्सकों का कहना है कि अस्सी प्रतिषत मामलों में देखा गया कि दवाओं के साथ व्यायाम करने पर रोग से मुक्ति मिली। उनका कहना है कि आम तौर पर लोग यह समझते हैं कि मॉर्निंग वॉक यानि सुबह की सैर करने से वह रोगों से बच सकते हैं। ऐसा नहीं है टहलने से सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यदि सेहत में सुधार करना हो तो सुबह तेज चलें। डा दलेला बताते हैं कि तेल चलने से से शरीर का ब्लड प्रेषर बढ़ता है जिससे रक्त के मार्ग में बनने वाले छोटे अवरोध दूर होते हैं।

तेज चलने से शरीर में एडोरफिन हॉर्मोन उत्पन्न करता है जो प्रोस्टेट को दूर करने के लिए सहायक होता है। डा दलेला के अनुसार चिकित्सक भी प्रोस्टेट के इलाज के ऐडोरफिन हॉर्मोन का प्रयोग करते हैं। आवष्यक है कि दवाओं का सेवन करने की बजाय व्यक्ति वैकल्पिक चिकित्सा का सहारा ले ताकि बगैर किसी साइड इफेक्ट वह रोग मुक्त हो सके। डा दलेला के अनुसार तेल चलने से कई अन्य रोग भी दूर होते हैं अतः आवष्यक है कि व्यक्ति प्रतिदिन दो किलोमीटर तेज चलें।