क्या है आध्यात्मिक केंद्र के तीन चित्रों का तिलिस्म

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फर्रुखाबाद: सिकत्तर बाग स्थित आध्यात्मिक केंद्र पर छापे व भीड़ के आक्रमण के दौरान भी केंद्र में मौजूद माता रेवती शर्मा अपने केंद्र के बारे में मीडिया को बताने से नहीं चूकीं। उनहोंने बताया कि केवल तीन चित्रों के माध्यम से आश्रम के अंदर एक सप्ताह के भीतर आत्मा, आत्मा के पिता व नर से नारायण बनने का ज्ञान दिया जाता है।

इस दौरान आश्रम की युवती रेवती शर्मा ने JNI को केंद्र में लगे तीन चित्रों के बारे में जानकारी दी| उन्होंने बताया कि आश्रम में लगे तीन चित्र हैं जिनमे पहला चित्र आत्मा के बारे में सिखाता है आत्मा क्या है?

दूसरे चित्र में हम सिखाते हैं कि आत्मा के पिता कौन है| तीसरे चित्र को दिखाते हुए बताया कि नर से नारायण कैसे बना जा सकता है| रेवती शर्मा ने बताया कि इस ज्ञान को प्राप्त करने के लिए ७ दिन का समय लगता है और व्यक्ति इन तीन चित्रों से ज्ञान प्राप्त कर लेता है|

उन्होंने बताया कि मै इस संस्था से १० वर्ष से जुडी हुयी हूँ| जवलपुर के होशंगावाद की रहने वाली हूँ| मेरी पुत्री डबल एम ए है, वह भी इसी संस्था से जुड़ी है| तीन वर्ष तक शिक्षक पद पर तैनात रही| होशंगावाद में भोपाल के महेंद्र भाई ने ज्ञान दिया|