जांच के दौरान एसडीएम व एआरटीओ में ‘हाट-टाक’

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फर्रुखाबाद, जिलाधिकारी के आदेश पर की जा रही जांच के दौरान बुधवार को जांच अधिकारी एसडीएम व एआरटीओ में जमकर कहा सुनी हो गयी। बात इनती बिगड़ी की फिर दोनों अधिकारियों ने अलग अलग डीएम से फोन पर वार्ता की। जांच के दौरान कई फर्जी आरसी पकड़ में आयीं है। अनेक महत्वपूर्ण पत्रावलियां कार्यालय से गायब हैं। कार्यालय में सरकारी रिकार्ड भूसे की तरह भरे होने पर भी एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जतायी।

*फर्जी आरसी पकड़ में आयीं, भूसे की तरह भरा है रिकार्ड

एआरटीओ कार्यालय में अनियमितताओं की शिकायत पर डीएम के आदेश पर शुरू हुई जांच के दौरान बुधवार को जांच करने गये एसडीएम सीपी उपाध्याय व सहायक लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा साहित्य कटियार और एआरटीओ सियाराम वर्मा के बीच कई बार जम कर कहा सुनी हुई। वार्ता के दौरान कई बार स्थिति तनाव पूर्ण भी हुई। हालात यहां तक पहुंचे कि एआरटीओ सियाराम वर्मा ने डीएम को सीधे फोन मिला कर जांच किसी और अधिकारी से कराये जाने तका का प्रस्ताव रख दिया। इसी बीच एसडीएम ने भी डीएम को फोन कर एआरटीओ द्वारा जाचं में सहयोग न करने की शिकायत की। परंतु डीएम से वार्ता के उपरांत इतना तो हुआ कि जांच कार्य सायं काल तक चलता रहा। परुतु बीच बीच में शब्द बाण दोनो ओर से चलते रहे। एसडीएम उपाध्याय ने जब पुरानी फाइले दिखाने को कहा तो एआटीओ बोले कि अगर वर्ष 90 से जाचं करनी है तो वह कल से कार्यालय बंद कर रहे है।

जांच के दौरान कई फर्जी आरसी भी पकड़ में आयी हैं। इनका अभिलेखों में कही उल्लेख नहीं हैं। केवल लिपिक ने अपने हस्ताक्षर से आरसी जारी कर दी। ऐसा ही एक मामला नाजिम शम्सी की पत्नी के नाम पर दर्ज वाहन का भी सामने आया। वाहन का नवीनीकरण होने के बावजूद वाहन स्वामी के नाम आरसी जारी कर दी गयी। इस की पत्रावली भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। मजे की बात है कि आरसी जारी होने से पूर्व संबंधित को नोटिस तक नहीं दिया गया।

उपजिलाधिकारी श्री उपाध्याय ने बताया कि कार्यालय में ढेरों अनियमिततायें है। कार्यालय में पत्रावलियां भूसे की तरह भरी हैं। पुराने रिकार्ड का अता पता नहीं है। उन्होंने कहा यह बड़ी खेदजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा एक दो दिन में जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट भेज दी जायेगी।