यूपी पुलिस का खेल: हजम कर गई पेट में लगी गोली

Uncategorized

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश की पुलिस अजीबो-गरीब हैरतंगेज कारनामों के लिए बिख्यात हो रही है| फर्रुखाबाद की पुलिस ने रुपयों की खातिर ऐसा कारनामा किया है कि देखने वाले दांतों तले उंगली दवा लें|

थाना शमसाबाद के दरोगा वालादीन वर्मा को धारा ३०७ जानलेवा हमला करने के मुकद्दमे की विवेचना क्या मिली कि उनके भाग्य ही खुल गए| चार नामजद आरोपियों को बचाने के लिए उन्होंने आँखे ही बंद कर लीं फिर क्या था कि उन्हें घायल ग्रामीण शिवपाल सिंह यादव के पेट का घाव ही नहीं दिखाई पडा और न ही उन्होंने घाव का एक्स-रे कराया जिससे उन्हें पता चलता कि पेट के अन्दर बुलेट फंसा है|

शीघ्र ही सेवानिवृत होने वाले दरोगा वालादीन वर्मा ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए ३०७ के मुकद्दमे को ३२३ में तरमीम कर दिया| थाना शमसाबाद के मोहल्ला बढईन टोला निवासी शिवपाल सिंह यादव ने आज अपर पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश होकर दरोगा वालादीन वर्मा की कलई खोली और अपना घाव दिखाकर सवूत बतौर चिकित्सीय प्रमाणपत्र भी दिखाए|

शिवपाल ने बताया कि १ अक्टूबर को शाम ४:४५ बजे मै घर के बाहर मौजूद था तभी खेत की मेड़ काटने की रंजिश में पड़ोसी वेदराम, नरेन्द्र, रामसिंह व महेंद्र ने मार डालने के लिए तमंचे से गोली चलाई| एक गोली बांह में लगी तथा दूसरी पेट में घुस गई|

स्थानीय पीएचसी से लोहिया अस्पताल तथा वहां से लाला लाजपत राय अस्पताल कानपुर ले जाया गया| वहां डाक्टर ने दूसरे दिन ही आपरेशन करके ३१५ वोर की गोली निकाली| शिवपाल ने आरोप लगाया कि मोटी रकम मिल जाने के कारण वालादीन ने मुकद्दमे का सत्यानाश कर दिया है|

अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र ने पीड़ित को दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया है|