ये कैसी सरकार है? लोहिया अस्पताल की ओपीडी से फिजिशियन गायव, भटकते रहे मरीज

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फर्रुखाबाद: लोहिया अस्पताल में डाक्टरो का रोना हमेशा से ही रहा है, कभी लापरवाही को लेकर तो कभी समय पर अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेरने पर| जनपद का जिला हॉस्पिटल डॉ राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल प्रशासन इस पर लगाम लगाने में हमेशा नाकामयाब रहा है| वर्तमान में लोहिया अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है और जो डाक्टर है भी वह समय से मरीजो पर रहम नही करते | बात करे लोहिया अस्पताल के फिजिशयन की तो समय पर मरीज ना देखना उनके लिये कोई नई बात नही बुधवार को भी डाक्टर ने अपनी मनमानी जारी रखी जिससे मरीज भटकते नजर आये|
Lohia Hospital
समाजवादी पार्टी की सरकार है चुनाव का मौसम है बड़े बड़े वादे किये जा रहे है लेकिन सपा की दो साल की सरकार ने जनपद को क्या दिया इसका अंदाजा अस्पताल में प्रवेश करते ही लगाना जादा मुस्किल नही है| 1992 में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जनता के खून पसीने की कमाई से लोहिया अस्पताल बनवाया था और उस पर अपने नाम का पत्थर भी लगवा दिया| लेकिन सुविधाओ के नाम पर लोहिया को क्या मिला गंदगी मरीजो की कराहट दवा व डाक्टरो के आभाव से दम तोड़ते मरीज आदि कई समस्याए हमेशा जनता की झोली में उपहार के रूप में डाल दी गई | क्या इसी व्यवस्था पर सपा दिल्ली की कुर्सी पर बैठने का सपना देख रही है|

बुधवार का दिन भी मरीजो के लिये परेशानी लेकर आया जब फिजिशयन की कुर्सी सुबह से ही खाली रही मरीज पर्चा हाथ में लेकर इधर उधर घूमते दिखाई दिये| जिन मरीजो की हालत जादा नाजुक थी वह मजबूरन निजी नर्सिग होम में जेब कटाने के लिये पहुच गए और जो एक रूपए से जादा खर्च करने की कुब्बत नही रखते थे वह डाक्टर के इंतजार में घंटो खड़े रहे |
दरअसल लोहिया इस समय दो फिजिशयन है जिसमे डॉ. अदिति श्रीवास्तव अवकाश पर चल रही है और दुसरे डॉ.अशोक कुमार मनमाने ढग से काम करते है और ओपीडीके बाद आपातकाल में भी मरीजो को देखने नही आते जिससे मरीजो को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है| लोहिया अस्पताल के सीएमएसन ए के मिश्रा इस सम्बन्ध में सिकंजा कसने के लिये असफल दिख रहे है|

सीएमएस ए के मिश्रा ने बताया की डाक्टर राउंड पर हो सकते है डॉ. अशोक का मोबाइल नंवर उनके पास नही है उनसे संपर्क करके समस्या का समाधान निकला जायेगा|