कमी सुरक्षा में नहीं जेल की दीवारो में है- डीआईजी कुलश्रेष्ठ

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DIG Jailफर्रुखाबाद: जेलो में तैनाती सरकार करती है| और कौन जेल का कप्तान बनेगा इसका फैसला भी सरकार के हाथो होता है ऐसे में प्रशासन सरकार के इशारो को समझ कर ही कोई फैसला करते है| यही है यूपी का लोकतंत्र| एक बंदी के सुरंग बनाकर जेल से भाग जाने की घटना की जाँच करने आये डी आई जी जेल शरद कुलश्रेष्ठ के मुताबिक जेल में सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी| जेल ही अंग्रेजो के ज़माने की है| गारे और कच्ची ईंटो को चम्मच से भी खोद कर भाग जा सकता है ये बड़े साहब का कहना है|

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शरद कुलश्रेष्ठ ने जिला जेल में निरीक्षण किया और घटना का रीटेक देखा| वही कहानी जो कल जेलर साहब ने सबको बतायी थी उसी कहानी को दोहरा कर जेलर साहब की बात की पुष्टि कर डी| अंदर से कुछ सैम्पल (demophoto) भी लाये मीडिया को दिखाए| जेल में दिक्कतो के बारे में मीडिया को बताया|
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डी आई जी ने बताया कि अब तक की कार्यवाही में पहरे की ड्यूटी पर तैनात तीन बंदी रक्षको रामौतार वर्मा, नरेश पाल और चरण सिंह को निलम्बित कर दिया गया है| क्रॉस चेकिंग करने वाले हेड वरदान के खिलाफ जाँच बैठा दी गयी है| और 11 अन्य बंदी रक्षक के खिलाफ भी जाँच हो रही है| उन्होंने रोना रोया कि 850 बंदियो की क्षमता के मुकाबले 1151बंदी इस जेल में है| 6 डिप्टी जेलर की जगह केवल 1 डिप्टी जेलर ही तैनात है| इस कारण काम का बोझ भी ज्यादा है|
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लोग कह रहे है कि डीआईजी साहब सरकार की बदनामी कर रहे थे या वाहवाही ये तो समझ नहीं आया मगर अगर 6 डिप्टी जेलर जेल में तैनात होते तो जेलर साहब को फरारी की कहानी प्लांट करने में नको चने चब जाते| भला हो अफसर कम थे| इस हाथ की बात उस हाथ तक ने सिर्फ जानी|