यूपी: माफिया पर कार्रवाई पड़ी डीएसपी को भारी

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co amit Nagarलखनऊ। उत्तर प्रदेश में माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक और बानगी सामने आई है। हापुड़ जिले के पिलखुवा इलाके में छापामारी करने पहुंची पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफिया ने हमला कर दिया। इस हमले में सीओ समेत छह पुलिसवाले जख्मी हो गए। हमले के दौरान शराब माफिया ने फायरिंग के साथ पुलिसवालों पर तेजाब भी फेंका। पुलिस टीम पर हमले की खबर मिलने के बाद एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल पुलिसवालों को फौरन अस्पताल ले जाया गया। इस मामले में अभी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक सीओ अमित नागर को सूचना मिली थी कि गांव अतरौली में परचून की दुकान चलाने वाला राजेंद्र सिंह और उसका बेटा अनुज कुमार अवैध शराब का कारोबार करते हैं। इस पर सीओ पुलिस बल और आबकारी विभाग की टीम के साथ माफिया राजेंद्र सिंह के यहां कार्रवाई करने पहुंच गए। लेकिन पुलिस को देखते ही शराब माफिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर सरिया, लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यही नहीं, तेजाब फेंकने के साथ अवैध हथियारों से हवाई फायरिंग भी की। हमले में सीओ अमित नागर समेत छह पुलिसवाले घायल हो गए। इस हमले में एक पुलिसवाले की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई हैं, जबकि एक पुलिसवाले की आंख में तेजाब गिरा है।
सीओ की टीम पर हमले की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घायल सीओ समेत सभी पुलिसवालों को इलाज के लिए फौरन अस्पताल भिजवाया गया। इसके साथ ही पुलिस ने शराब माफिया की धरपकड़ तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो लोगों को पकड़ा गया है। जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में ये पहली बार नहीं है जब शराब माफिया ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया है। करीब तीन साल पहले भी सीओ पिलखुवा रहे कपिल देव पर भी शराब माफिया ने हमला कर दिया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि यूपी में क्यों बेखौफ है माफिया? अखिलेश राज में क्यों नहीं है वर्दी का खौफ? किसकी शह पर फल-फूल रहा है शराब का अवैध कारोबार? किसके दम पर माफिया करते हैं पुलिस पर हमला?
ये सवाल अखिलेश सरकार में सूबे की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन एक के बाद एक नए मामले सामने आने के बाद भी यूपी सरकार माफिया पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में राज्य की आम जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे जब पुलिसवालों ही महफूज नहीं।