‘बच्‍चों को नहीं खाने देंगे दलित के हाथ से खाना’

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कन्नौज: उत्‍तर प्रदेश के कन्‍नौज जिले में उच्‍च जाति के अभिभावकों ने अपने बच्‍चों को स्‍कूल से सिर्फ इसलिए निकाल लिया क्‍योंकि वहां मिड-डे मील पकाने वाला खानसामा दलित था। वो नहीं चाहते हैं कि एक दलित के हाथ का बना खाना उनके बच्‍चे खाएं।

कन्‍नौज ही नहीं बल्कि कानपुर, इलाहाबाद और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में उच्‍च जाति के लोग इस बात के खिलाफ हैं कि सरकारी स्‍कूलों में दलित खानसामे रखे जाएं। सीएनएन-आईबीएन की एक खबर के मुताबिक अभिभावकों ने कई बार स्‍कूलों में जाकर विरोध भी दर्ज किया है।

कन्‍नौज के एक स्‍कूल टीचर वीरपाल सिंह के मुताबिक अपने बच्‍चों को स्‍कूल से निकालते वक्‍त कई अभिभावकों ने यह बात कही।

खैर स्‍कूलों में दलित बवर्चियों की नियुक्ति जारी रहे चाहे नहीं, लेकिन लोगों के इस विरोध से मुख्‍यमंत्री मायावती के उस फरमान की खिलाफत तेज हो गई है, जिसमें कहा गया था कि 25 छात्रों के स्‍कूल में एक दलित महिला को नियुक्‍त किया जाएगा। जाहं 100 बच्‍चे होंगे वहां एक दलित महिला और गैर दलित बवर्ची नियुक्‍त किया जाएगा। यदि छात्रों की संख्‍या बढ़ती है तो दलित खानसामे की नियुक्ति भी की जाएगी।